राजधानी में हाल ही में मेट्रो के संचालन के बाद अब नए साल में इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिल सकती है। जनवरी के अंत में या फ़रवरी तक कुछ बसों के मिलने पर सीमित मात्रा में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो जायेगा। राजधानी को दो अलग-अलग चरणों में कुल 195 बसें मिलनी हैं। नगरीय प्रशासन के मुताबिक 2026 की शुरुआत में इनमें से कुछ बसें मिल सकती हैं। इन बसों के लिए भोपाल और इंदौर में 2 -2 डिपो बनने हैं, जिनका काफी काम हो चुका है। राजधानी में कस्तूरबा नगर (आईएसबीटी के सामने) और बैरागढ़ बस स्टैंड के पास दो बस डिपो बन रहे हैं। इनमें एचटी कनेक्शन का जिम्मा क्षत्र की विद्युत वितरण कंपनियों के पास है जबकि बाकी सिविल वर्क संबंधित निकाय कर रहा है। सतना-देवास में भी डिपो के लिए जमीन आवंटित है। नगरीय प्रशासन विभाग के मुताबिक बसों के लिए जनवरी के अंत तक या फरवरी की शुरुआत में कुछ बसें आ सकती हैं। जल्द इन बसों के संचालन के लिए टेंडर भी निकाले जाएंगे। शुरू में मौजूदा सिटी बस व्यवस्था से ही बसों का संचालन किया जाएगा। मप्र को मिलेंगी 972 ई बसें
केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय की संशोधित सहमति के मुताबिक भोपाल में 195, इंदौर में 270, ग्वालियर में 100, जबलपुर में 200, उज्जैन में 100, सागर में 32, देवास में 55 और सतना में 20 ई-बसें मिलेंगी। पहले भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उज्जैन में 582 ई बसें मिलनी थीं।


