एयरपोर्ट रोड की पॉश कॉलोनी सूरज नगर में डकैती की अलग तरह की वारदात सामने आई है। यहां बदमाशों ने सीनियर एडवोकेट अखिलेश श्रीवास्तव के घर को निशाना बनाया। वकील के घर दो खतरनाक कुत्ते हैं, ऐसे में बदमाशों ने पहले उन्हें कुछ खाने को दिया। कुत्तों ने भौंकना बंद किया तो हथियारों और औजारों से लैस नकाबपोश 8 डकैत दीवार एवं गेट फांदकर घर में घुसे और अंदर कमरों के ताले तोड़कर करीब 18 लाख रुपए नगद और लाखों रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए। बदमाश लोडिंग वाहन से आए थे। घटना 25 और 26 दिसंबर की दरम्यानी रात की है। श्रीवास्तव के मुताबिक वह इलाज के लिए परिवार के साथ इंदौर गए थे। बदमाशों ने इसी का फायदा उठाया। रेकी कर पूरी वारदात, सुबह बाई आई तो जानकारी हुई वारदात के तरीके से साफ है कि बदमाशों ने पहले रेकी की। उन्हें सब कुछ मालूम था, इसीलिए कुत्तों के लिए खाना और सामान बटोरने के लिए लोडिंग वाहन लाए थे। पुलिस की गश्त नहीं थी, इसलिए रात करीब 1.15 से 3:45 तक बदमाश घर के आसपास घूमते रहे। वकील का कहना है कि 26 दिसंबर की सुबह काम वाली बाई घर आई तो उसने दरवाजा टूटा देखकर फोन पर जानकारी दी। इसके बाद वह इंदौर से आए तो देखा घर का सामान बिखरा पड़ा था। अलमारियों से नगदी और जेवर गायब थे। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। कोहेफिजा पुलिस ने नकबजनी का केस दर्ज किया है। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा का कहना है कि आरोपियों का सुराग लगाया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों का पता लगाया जा रहा है। जल्द गिरफ्तारी होगी। कोई बात नहीं, इशारों में वारदात
श्रीवास्तव ने घर की सुरक्षा-व्यवस्था के लिए वाइस रिकार्डिंग वाले हाई क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे लगा रहे हैं। कैमरों की नजर में मुख्य सड़क, मेन गेट, पोर्च आदि हिस्सा कवर होता है। इसमें सारी वारदात भी कैद हुई है। बदमाश अपने साथ एक इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स ले गए हैं। संभवत: वह इसे डीवीआर समझ रहे हैं। हैं। वारदात के दौरान बदमाशों ने किसी का नाम नहीं लिया। इशारों में ही पूरी वारदात को अंजाम दिया। डॉबरमैन : ये स्वभाव से वफादार, रक्षक और बुद्धिमान होते हैं। अपने परिवार के प्रति बेहद समर्पित और बेहतरीन गार्ड डॉग माने जाते हैं। अजनबियों पर आसानी से भरोसा नहीं करते और बेहद सतर्क रहते हैं। ये परिवार के किसी एक व्यक्ति को ही अपना मालिक मानते हैं। जर्मन शेफर्ड : बुद्धिमान और वफादार कुत्ता होता है। इसे स्मार्ट कुत्तों की श्रेणी में रखा जाता है। यह सीखने में बहुत तेज होते हैं। अपने परिवार से बहुत लगाव रखते हैं और उनकी रक्षा के लिए तैयार रहते हैं। ये अजनबियों से संकोच करते हैं और सतर्क रहते हैं, लेकिन आक्रामक नहीं होते हैं। मीट कुत्तों की कमजोरी, नींद की दवा से आक्रामकता भूल जाते हैं
मीट कुत्ते की कमजोरी होता है। चोर कुत्तों के इस स्वभाव को जानते हैं और उनकी इसी कमजोरी का फायदा उठाते हैं। आशंका यही है कि इस मामले में भी मीट में नींद की दवा मिलाई गई। इससे कुत्ते आक्रामकता भूल जाते हैं। -डॉ. पीपी सिंह, पशु चिकित्सक


