भास्कर न्यूज | सीवान जिले में चल रहा है अवैध ईट भट्टे पर प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। 23 दिसंबर को दैनिक भास्कर दें शीर्षक ” 228 ईट भट्टें कई के लाइसेंस है फेल” नमक खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया था इसके बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लेकर चल रहे अवैध ईट भट्टे पर कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार महराजगंज डिवीजन अंतर्गत अनुमंडल पदाधिकारी अनिता सिन्हा एवं विभिन्न ईंट–भट्ठा (चिमनी) की संयुक्त रूप से जांच की गई। इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। अनुमंडल पदाधिकारी अनीता सिन्हा ने बताया कि अभी तक सात चिमनी मालिकों पर नोटिस भेज दिया गया है जबकि मंगलवार तक सभी चिमनी मालिकों को नोटिस भेज दिया जाएगा। जांच के क्रम में पाया गया कि अधिकांश ईंट–भट्ठा संचालकों के पास खनन विभाग द्वारा निर्गत आवश्यक खनन प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं था। इसके साथ ही बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी पॉल्यूशन सर्टिफिकेट भी किसी भी चिमनी के पास नहीं पाया गया। पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी कर बिना वैध अनुमति के ईंट–भट्ठों का संचालन किया जा रहा था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि कई ईंट–भट्ठे कृषि योग्य भूमि पर बिना भूमि–सम्परिवर्तन (लैंड कन्वर्जन) कराए संचालित किए जा रहे हैं। इस पर अनुमंडल पदाधिकारी महराजगंज अनिता सिन्हा ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित संचालकों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कृषि भूमि पर बिना भू–सम्परिवर्तन के किसी भी प्रकार का व्यवसायिक कार्य करना अवैध है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी ईंट–भट्ठा संचालक अनिवार्य रूप से अनुमंडल कार्यालय से कृषि भूमि का भू–सम्परिवर्तन कराएं तथा खनन प्रमाण पत्र, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट सहित अन्य सभी आवश्यक कागजात तैयार कर अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष जमा करें। भास्कर न्यूज | सीवान जिले में चल रहा है अवैध ईट भट्टे पर प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। 23 दिसंबर को दैनिक भास्कर दें शीर्षक ” 228 ईट भट्टें कई के लाइसेंस है फेल” नमक खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया था इसके बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लेकर चल रहे अवैध ईट भट्टे पर कार्रवाई शुरू कर दी है। शनिवार महराजगंज डिवीजन अंतर्गत अनुमंडल पदाधिकारी अनिता सिन्हा एवं विभिन्न ईंट–भट्ठा (चिमनी) की संयुक्त रूप से जांच की गई। इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। अनुमंडल पदाधिकारी अनीता सिन्हा ने बताया कि अभी तक सात चिमनी मालिकों पर नोटिस भेज दिया गया है जबकि मंगलवार तक सभी चिमनी मालिकों को नोटिस भेज दिया जाएगा। जांच के क्रम में पाया गया कि अधिकांश ईंट–भट्ठा संचालकों के पास खनन विभाग द्वारा निर्गत आवश्यक खनन प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं था। इसके साथ ही बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी पॉल्यूशन सर्टिफिकेट भी किसी भी चिमनी के पास नहीं पाया गया। पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी कर बिना वैध अनुमति के ईंट–भट्ठों का संचालन किया जा रहा था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि कई ईंट–भट्ठे कृषि योग्य भूमि पर बिना भूमि–सम्परिवर्तन (लैंड कन्वर्जन) कराए संचालित किए जा रहे हैं। इस पर अनुमंडल पदाधिकारी महराजगंज अनिता सिन्हा ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित संचालकों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कृषि भूमि पर बिना भू–सम्परिवर्तन के किसी भी प्रकार का व्यवसायिक कार्य करना अवैध है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी ईंट–भट्ठा संचालक अनिवार्य रूप से अनुमंडल कार्यालय से कृषि भूमि का भू–सम्परिवर्तन कराएं तथा खनन प्रमाण पत्र, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट सहित अन्य सभी आवश्यक कागजात तैयार कर अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष जमा करें।


