“चार गुना रुपए मिलेंगे… बस कुछ देर के लिए असली नोट दिखा दीजिए।” इसी एक लाइन में लोगों की जिंदगी भर की कमाई फंस जाती थी। थाना बन्नादेवी पुलिस ने ऐसे ही शातिर अंतरराज्यीय टप्पेबाज गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को नुमाइश ग्राउंड से गिरफ्तार किया है। गिरोह के पास से नकदी, बच्चों के खेलने वाले चूरन नोटों की गड्डियां, अवैध हथियार, लग्जरी कार, स्कूटी और नोट गिनने की मशीन बरामद हुई है। फर्जी पुलिस की भी होती है एंट्री CO कमलेश कुमार के मुताबिक यह गिरोह सीधे-साधे लोगों को निशाना बनाता था। पहले दोस्ताना बातचीत, फिर कम समय में पैसे दोगुने-चौगुने करने का लालच दिया जाता। विश्वास जमाने के लिए कागज की गड्डियों के ऊपर और नीचे असली नोट लगाए जाते थे, जबकि बीच में बच्चों के खेलने वाले ‘चिल्ड्रन बैंक’ के नकली नोट होते थे। जैसे ही पीड़ित अपने असली पैसे या जेवरात लेकर पहुंचता, तभी गिरोह का एक सदस्य अचानक फर्जी पुलिसकर्मी बनकर चिल्लाता– ‘पुलिस आ गई… भागो’। अफरा-तफरी के इसी पल में असली पैसे गायब पीड़ित के हाथ में नकली नोटों की गड्डी थमा दिया जाता है। तीन मुकदमों की जांच से खुली पूरी साजिश थाना बन्नादेवी में ठगी, टप्पेबाजी और चोरी के तीन मुकदमों की जांच के दौरान पुलिस को इस गिरोह की जानकारी मिली। मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और नुमाइश ग्राउंड पर घेराबंदी कर सभी छह आरोपियों को दबोच लिया गया। रोरावर का रहने वाला है सरगना इस गैंग का सरगना थाना रोरावर का शकील है। इस पर गैंगस्टर एक्ट सहित कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, गैंग में थाना देहलीगेट निवासी गुड्डुू उर्फ नईम, जिला बस्ती निवासी विजय कुमार, जिला गोंडा निवासी शुभकरन और बिहार के सीतामढ़ी निवासी आर्यन राज को हिरासत में लिया गया है। यह गिरोह दिल्ली और लखनऊ से ऑपरेट होता है। लग्जरी कार और नोट गिनने की मशीन बरामद टप्पेबाजों के पास से 75 हजार रुपए नकद, 200 और 100 रुपए के चूरन के नोटों की 12 12 गड्डियां बरामद हुईं। इन नकली नोटों की गड्डियों पर ऊपर और नीचे असली नोट लगे हुए थे। इसके अलावा 315 बोर का तमंचा, 5 कारतूस, चाकू, सफेद वरना कार, बिना नंबर की स्कूटी, नोट गिनने की मशीन बरामद हुई है। दो आरोपी फरार CO कमलेश कुमार ने बताया कि गिरोह के दो सदस्य सिफारिश और उसकी पत्नी फरार हैं। यह दिल्ली से पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। उनकी तलाश के लिए टीमें लगाई गई हैं। कई थानों में ठगी–चोरी के मुकदमे मुख्य आरोपी शकील, गुड्डू और दानिश पर अलीगढ़ के अलग-अलग थानों में ठगी, चोरी और धोखाधड़ी के एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे पहले से दर्ज हैं। अन्य आरोपियों के खिलाफ भी आर्म्स एक्ट और गंभीर धाराओं में केस पाए गए हैं।


