Maharashtra Politics: पुणे के बारामती में शरद पवार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (सीओई-एआई) के उद्घाटन के मौके पर जब पूरा पवार परिवार उद्योगपति गौतम अडानी के साथ एक मंच पर नजर आया, तो महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मच गई। विपक्ष ने इस पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। खासकर उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने एक ऐसा दावा किया है जिसने सबको चौंका दिया है।
इस दौरान उद्धव गुट के वरिष्ठ नेता राउत ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि शरद पवार की पार्टी (NCP) को तोड़ने में गौतम अडानी के भाई की भूमिका थी। इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर रोहित पवार, अडानी की कार क्यों चला रहे थे।
संजय राउत का सनसनीखेज आरोप
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने रविवार को मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि शरद पवार की पार्टी (NCP) में हुई फूट के पीछे गौतम अडानी के भाई का हाथ था। राउत ने कहा, “मेरी जानकारी के अनुसार, शरद पवार ने जिस एनसीपी पार्टी की स्थापना की थी, उसे तोड़ने में गौतम अडानी के भाई की भूमिका थी।” उन्होंने आगे कहा कि रोहित पवार अडानी की कार के सारथी (चालक) क्यों बने, इसका जवाब वही दे सकते हैं।
राउत ने अडानी समूह पर हमला बोलते हुए कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति से नहीं बल्कि मुंबई के हितों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा, हमारा विरोध नैतिक है। क्योंकि भाजपा सरकार की मदद से मुंबई को अडानी के हवाले किया जा रहा है।
संजय राउत ने यह भी कहा कि टाटा, बिरला और अंबानी जैसे कई उद्योगपति मुंबई आए, लेकिन अडानी जैसी कब्जा करने की भूख किसी में नहीं दिखा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से सरकार अडानी को मुंबई को नियंत्रित करने के लिए समर्थन कर रही है, वह मराठी मानुस के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
अडानी-पवार के संबंध पर क्या कहा?
हालांकि संजय राउत ने यह भी स्पष्ट किया कि शरद पवार और गौतम अडानी के संबंध राजनीतिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और पारिवारिक हैं। उन्होंने कहा, “अपने कार्यक्रम में किसे बुलाना है, यह उनका (शरद पवार) अधिकार है। लेकिन वहां एनसीपी को दो धड़ों में बांटने वाले अजित पवार भी मौजूद थे।”
राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर मुंबई में अडानी के साम्राज्य विस्तार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए अपनी पार्टी के विरोध को दोहराया और इसे मुंबई शहर व मराठी भाषी लोगों के लिए घातक बताया।
क्यों नाखुश हुई उद्धव सेना?
सीओई-एआई के उद्घाटन के मौके पर अपने संबोधन में गौतम अडानी ने कहा, “मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मैं पिछले तीन दशकों से उन्हें (शरद पवार) जानता हूं। वे मेरे ‘मेंटर’ (मार्गदर्शक) हैं। इस मौके पर शरद पवार की बेटी व बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने मंच से अडानी के साथ अपने पारिवारिक संबंधों के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “अडानी और पवार परिवार के बीच 30 सालों से करीबी संबंध हैं। गौतम भाई मेरे लिए बड़े भाई की तरह हैं। जब भी मेरे जीवन में कोई अच्छी या बुरी बात होती है, तो मैं उन्हें बेझिझक बताती हूं। कभी-कभी वे बड़े भाई के हक से मुझे डांटते भी हैं। हमें गर्व है कि उन्होंने पूरी दुनिया में सफलता हासिल की है और आज इस मुकाम पर पहुंचे है।”

बता दें कि जुलाई 2023 में अजित पवार के शिंदे-फडणवीस सरकार में शामिल होने के बाद से ही एनसीपी दो धड़ों में बंट गई थी। अब बारामती के इस कार्यक्रम में अजित पवार, सुप्रिया सुले और शरद पवार का अडानी के साथ एक ही मंच पर दिखना, विपक्षी दलों के भीतर नए मतभेदों को जन्म दे सकता है।


