छत्तीसगढ़ के बलरामपुर वन मंडल के कुसमी वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। 27 दिसंबर को वन विभाग और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) की संयुक्त टीम ने पेंगोलिन शल्क की अवैध तस्करी में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वन मंडलाधिकारी बलरामपुर के निर्देशन और अनुविभागीय वन अधिकारी कुसमी के मार्गदर्शन में जशपुर, बलरामपुर और कुसमी की संयुक्त टीम गठित की गई थी। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर टीम ने जशपुर रोड स्थित बाबा चौक के पास घेराबंदी कर दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा। ये दो आरोपी पकड़ाए पूछताछ में उनकी पहचान प्रभु सोनवानी (43) निवासी बनौरा थाना बलरामपुर) और निखिल सरकार (60) निवासी संतोषी नगर, जिला बलरामपुर) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान निखिल सरकार के बैग से दो पॉलीथिन में रखे पेंगोलिन शल्क बरामद किए गए। आरोपियों से जब वैध दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद मौके पर वीडियोग्राफी, जीपीएस रीडिंग और अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की गई। पूछताछ में 2 नाम और आए सामने पूछताछ में आरोपियों ने इस अवैध तस्करी में शामिल दो अन्य व्यक्तियों—विजय (40) और बसंत (32) के नाम उजागर किए, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों ने बताया कि पेंगोलिन शल्क झारखंड के भंडरिया जंगल से लाया गया था और इसे करीब एक लाख रुपए में बेचने की योजना थी। चारों आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 44, 49, 49(बी) एवं 51 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों को पहले राजपुर और बाद में रामानुजगंज न्यायालय में पेश किया गया।


