Bird Flu 2025: देश में बर्ड फ्लू का कहर! दो दिन में 28 हजार से ज्यादा पक्षी मारने पड़े, जानिए क्यों हर सर्दी में बढ़ जाता है यह खतरा?

Bird Flu 2025: देश में बर्ड फ्लू का कहर! दो दिन में 28 हजार से ज्यादा पक्षी मारने पड़े, जानिए क्यों हर सर्दी में बढ़ जाता है यह खतरा?

Bird Flu 2025: केरल के अलप्पुझा जिले में सामने आए बर्ड फ्लू (H5N1) के मामलों ने एक बार फिर इस बीमारी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालात को काबू में करने के लिए पशुपालन विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) ने कई गांवों में बड़े पैमाने पर पक्षियों को मारने (कुलिंग) का अभियान चलाया।

अलप्पुझा में क्या हुआ?

शनिवार को अलप्पुझा की चार ग्राम पंचायतों चेरुथाना, पुरक्कड़, पुन्नप्रा साउथ और अंबलप्पुझा साउथ में कुल 24,309 पक्षियों को मारा गया। इससे एक दिन पहले यानी शुक्रवार को नेदुमुडी, करुवट्टा, कार्तिकापल्ली, थकाझी और कुमारपुरम में 4,240 पक्षियों की कुलिंग की गई थी। दो दिनों में कुल मिलाकर 28,549 पक्षियों को मारना पड़ा। इसके साथ ही 584 अंडे और 8,380 किलो चारा भी नष्ट किया गया ताकि संक्रमण आगे न फैले।

प्रवासी पक्षियों से कैसे जुड़ता है यह खतरा?

हर साल सर्दियों का मौसम एक खूबसूरत नजारा लेकर आता है, जब लाखों प्रवासी पक्षी ठंडे इलाकों से उड़कर गर्म जगहों की ओर जाते हैं। ये पक्षी तय रास्तों, जिन्हें फ्लाईवे कहा जाता है, से होकर यात्रा करते हैं। लेकिन इस साल इस प्राकृतिक सफर पर बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) का साया मंडरा रहा है। सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार बर्ड फ्लू पहले से ज्यादा बड़ा खतरा बनता जा रहा है?

2025 में यूरोप में बर्ड फ्लू के मामले क्यों बढ़े?

यूरोप से आए हालिया आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। 6 सितंबर से 28 नवंबर 2025 के बीच यूरोप के 29 देशों में करीब 2,896 बर्ड फ्लू के मामले दर्ज किए गए। इनमें से 2,454 मामले जंगली पक्षियों में पाए गए, जो पिछले साल की तुलना में करीब छह गुना ज्यादा हैं। घरेलू पक्षियों में 442 मामले सामने आए। सबसे ज्यादा मामले जर्मनी से रिपोर्ट हुए, जहां 1,675 केस मिले, इसके बाद फ्रांस में 248 मामले सामने आए। अधिकतर संक्रमित जंगली पक्षी बतख, हंस और क्रेन थे, जो प्रवास के दौरान बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं।

प्रवासी पक्षी कैसे फैलाते हैं वायरस?

प्रवासी पक्षी अक्सर खुद बीमार नजर नहीं आते, लेकिन उनके मल (droppings) में वायरस मौजूद हो सकता है। जब ये पक्षी रास्ते में तालाबों, खेतों या खुले इलाकों में रुकते हैं, तो वायरस वहां फैल जाता है। लंबी उड़ानें पक्षियों की इम्युनिटी को कमजोर कर देती हैं, जिससे वे संक्रमण फैलाने का आसान जरिया बन जाते हैं। वैज्ञानिकों ने यह भी पाया है कि बड़े प्रवास के करीब तीन हफ्ते बाद पोल्ट्री फार्मों में संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। ठंडा मौसम और पानी में वायरस का ज्यादा समय तक जिंदा रहना भी इसकी वजह बनता है।

आम लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

  • मरे हुए पक्षियों को हाथ न लगाएं
  • पोल्ट्री फार्म और घर में पाले पक्षियों को खुले में न छोड़ें
  • किसी भी असामान्य मौत की तुरंत सूचना दें
  • प्रशासन के निर्देशों का पालन करें

इंसानों और दूसरे जानवरों के लिए कितना खतरा?

अब तक 19 इंसानी मामले सामने आए हैं, जिनमें अमेरिका में H5N5 से एक मौत भी शामिल है। कंबोडिया में भी पक्षियों के संपर्क से मौतें हुई हैं। इसके अलावा यूरोप में लोमड़ी और पालतू बिल्लियों में भी संक्रमण पाया गया है। हालांकि स्वास्थ्य एजेंसियों का कहना है कि आम जनता के लिए खतरा अभी कम है, लेकिन पोल्ट्री फार्म में काम करने वालों के लिए जोखिम थोड़ा ज्यादा है।

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