Cleansing Rule: आजकल लोग महंगे प्रोडक्ट्स से ज्यादा सही स्किनकेयर रूटीन पर भरोसा करने लगे हैं। ऐसे में जापान से आया 4-2-4 क्लींजिंग रूल स्किन लवर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह तरीका चेहरे की गहराई से सफाई करता है, पोर्स को साफ रखता है और स्किन की नैचुरल नमी को बनाए रखने में मदद करता है। यही वजह है कि नियमित रूप से इस रूल को अपनाने से स्किन ज्यादा क्लियर, सॉफ्ट और नैचुरली ग्लोइंग नजर आने लगती है।
क्या है 4-2-4 क्लींजिंग तकनीक?
4-2-4 क्लींजिंग एक मल्टी-स्टेप फेस क्लींजिंग तरीका है, जिसमें बिना त्वचा को नुकसान पहुंचाए गहराई से सफाई की जाती है। इसमें पहले 4 मिनट तक ऑयल क्लींजर से चेहरे की मसाज की जाती है, फिर 2 मिनट वॉटर-बेस्ड फेसवॉश से क्लींजिंग होती है और अंत में 4 मिनट में चेहरे को पहले गुनगुने फिर ठंडे पानी से धोया जाता है। यह रूटीन मेकअप, सनस्क्रीन, गंदगी और अतिरिक्त ऑयल हटाने के साथ-साथ स्किन की नेचुरल नमी को बनाए रखने में मदद करता है।
4-2-4 क्लींजिंग के फायदे
- स्किन की डलनेस कम होने लगती है।
- पोर्स गहराई से साफ होते हैं।
- स्किन पर लगाए गए सीरम और मॉइश्चराइजर बेहतर तरीके से एब्ज़ॉर्ब होते हैं।
- त्वचा ज्यादा सॉफ्ट और स्मूद महसूस होती है।
- ड्राईनेस की समस्या कम होती है।
- स्किन का नैचुरल ग्लो उभरकर आता है।
घर पर कैसे करें 4-2-4 क्लींजिंग?
4-2-4 क्लींजिंग रूटीन में पहले चेहरे पर ऑयल क्लींजर लगाकर 4 मिनट तक हल्के हाथों से मसाज की जाती है, फिर वॉटर-बेस्ड फेस क्लींजर से 2 मिनट तक चेहरा साफ किया जाता है और अंत में चेहरे को 2 मिनट गुनगुने व 2 मिनट ठंडे पानी से धोया जाता है। यह रूटीन रात में सोने से पहले अपनाने पर ज्यादा असरदार माना जाता है।
किन लोगों को 4-2-4 क्लींजिंग से बचना चाहिए?
हालांकि यह तकनीक हर किसी के लिए जरूरी नहीं है। जिन लोगों की स्किन बहुत ज्यादा ऑयली या एक्ने-प्रोन होती है, उन्हें इससे दूरी बनाकर रखनी चाहिए। ऑयल क्लींजिंग से पोर्स बंद हो सकते हैं, जिससे पिंपल्स की समस्या बढ़ सकती है।इसके अलावा, जरूरत से ज्यादा क्लींजिंग करने से स्किन का नैचुरल ऑयल बैलेंस बिगड़ सकता है, जिससे जलन, रेडनेस या सेंसिटिविटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।


