बिहार में जारी बुलडोजर कार्रवाई के तहत शनिवार को शिवहर के कुशहर गांव में प्रशासन ने कार्रवाई की। इस दौरान कई झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया गया, जिससे अनेक परिवार बेघर हो गए। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई पर गहरी नाराज़गी जताई। उनका कहना है कि उन्हें पर्याप्त नोटिस नहीं दिया गया। पीड़ित महिला मरनी देवी ने बताया, “हमलोग यहां करीब 30 सालों से रह रहे हैं। परसों जगह खाली करने को कहा गया और आज अचानक बुलडोजर आ गया। अब हमलोग कहां जाएंगे?” काली देवी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, “हमलोग सरकार से दस हजार रुपए मांगने नहीं गए थे। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के घर तोड़ दिया गया। अब हम कहां रहें?” मामले से जुड़ी 4 तस्वीरें देखिए…. ”दस हजार की मदद मांगी थी, लेकिन बदले में घर उजाड़ दिया” एक अन्य पीड़िता सुदामा देवी ने बताया कि वे बरसों से यहीं रह रहे थे। उन्होंने कहा, “हमने तो बस दस हजार की मदद मांगी थी, लेकिन बदले में घर उजाड़ दिया गया।” पिछले 30 वर्षों से उसी स्थान पर रह रहे थे ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 30 वर्षों से उसी स्थान पर रह रहे थे। इसके बावजूद न तो पर्याप्त नोटिस दिया गया और न ही किसी प्रकार की पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी दी गई। बुलडोजर कार्रवाई के बाद कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बिहार में जारी बुलडोजर कार्रवाई के तहत शनिवार को शिवहर के कुशहर गांव में प्रशासन ने कार्रवाई की। इस दौरान कई झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया गया, जिससे अनेक परिवार बेघर हो गए। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई पर गहरी नाराज़गी जताई। उनका कहना है कि उन्हें पर्याप्त नोटिस नहीं दिया गया। पीड़ित महिला मरनी देवी ने बताया, “हमलोग यहां करीब 30 सालों से रह रहे हैं। परसों जगह खाली करने को कहा गया और आज अचानक बुलडोजर आ गया। अब हमलोग कहां जाएंगे?” काली देवी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, “हमलोग सरकार से दस हजार रुपए मांगने नहीं गए थे। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के घर तोड़ दिया गया। अब हम कहां रहें?” मामले से जुड़ी 4 तस्वीरें देखिए…. ”दस हजार की मदद मांगी थी, लेकिन बदले में घर उजाड़ दिया” एक अन्य पीड़िता सुदामा देवी ने बताया कि वे बरसों से यहीं रह रहे थे। उन्होंने कहा, “हमने तो बस दस हजार की मदद मांगी थी, लेकिन बदले में घर उजाड़ दिया गया।” पिछले 30 वर्षों से उसी स्थान पर रह रहे थे ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 30 वर्षों से उसी स्थान पर रह रहे थे। इसके बावजूद न तो पर्याप्त नोटिस दिया गया और न ही किसी प्रकार की पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी दी गई। बुलडोजर कार्रवाई के बाद कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।


