गयाजी में ठंड का प्रकोप जारी है। शीतलहर और सर्द पछिया हवा से परेशानी बढ़ गई है। कनकनी लोगों को कंपकंपाने लगी है। तापमान लगातार नीचे जा रहा है। ठंड का असर अब साफ तौर पर जनजीवन पर दिखने लगा है। पिछले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से करीब तीन डिग्री कम है। बीते 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में करीब तीन डिग्री की गिरावट आई है। अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अभी और गिरेगा पारा मौसम वैज्ञानिक एसके पटेल के अनुसार अगले दो दिनों में मौसम के मिजाज में कोई बड़ा बदलाव होने के संकेत नहीं है। दिन में धूप देर से निकलेगी। रात का तापमान और गिर सकता है। कोहरे का असर सीमित रहेगा। मौसम शुष्क बना रहेगा। 28 दिसंबर के बाद मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि ठंड अभी सताएगी। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। शुक्रवार को धूप निकलने से मिली थी राहत तापमान गिरते ही लोगों की दिनचर्या भी बदलने लगी है। गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक हल्के कोहरे का असर दिखा। सुबह में विजिबिलिटी घटकर करीब 100 मीटर रह गई थी। हालांकि सूरज निकलने के साथ कोहरा छंट गया और धूप खिली। इसके बाद कुछ घंटों के लिए ठंड से राहत मिली, लेकिन सुबह और रात की ठंड ने परेशानी बनाए रखी। वहीं, शाम ढलते ही पछुआ हवाओं की रफ्तार बढ़ गई। खुले इलाकों में कनकनी ज्यादा महसूस हुई। बाजारों में भी शाम के समय सन्नाटा जल्दी पसरने लगा है। गयाजी में ठंड का प्रकोप जारी है। शीतलहर और सर्द पछिया हवा से परेशानी बढ़ गई है। कनकनी लोगों को कंपकंपाने लगी है। तापमान लगातार नीचे जा रहा है। ठंड का असर अब साफ तौर पर जनजीवन पर दिखने लगा है। पिछले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से करीब तीन डिग्री कम है। बीते 48 घंटों में न्यूनतम तापमान में करीब तीन डिग्री की गिरावट आई है। अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अभी और गिरेगा पारा मौसम वैज्ञानिक एसके पटेल के अनुसार अगले दो दिनों में मौसम के मिजाज में कोई बड़ा बदलाव होने के संकेत नहीं है। दिन में धूप देर से निकलेगी। रात का तापमान और गिर सकता है। कोहरे का असर सीमित रहेगा। मौसम शुष्क बना रहेगा। 28 दिसंबर के बाद मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि ठंड अभी सताएगी। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। शुक्रवार को धूप निकलने से मिली थी राहत तापमान गिरते ही लोगों की दिनचर्या भी बदलने लगी है। गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक हल्के कोहरे का असर दिखा। सुबह में विजिबिलिटी घटकर करीब 100 मीटर रह गई थी। हालांकि सूरज निकलने के साथ कोहरा छंट गया और धूप खिली। इसके बाद कुछ घंटों के लिए ठंड से राहत मिली, लेकिन सुबह और रात की ठंड ने परेशानी बनाए रखी। वहीं, शाम ढलते ही पछुआ हवाओं की रफ्तार बढ़ गई। खुले इलाकों में कनकनी ज्यादा महसूस हुई। बाजारों में भी शाम के समय सन्नाटा जल्दी पसरने लगा है।


