शिवहर में ठंड से स्कूल बंद, अवधि बढ़ी:डीएम ने 8वीं तक की कक्षाओं पर 29 दिसंबर तक प्रतिबंध लगाया

शिवहर में ठंड से स्कूल बंद, अवधि बढ़ी:डीएम ने 8वीं तक की कक्षाओं पर 29 दिसंबर तक प्रतिबंध लगाया

शिवहर में लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जिला दंडाधिकारी (डीएम) ने पहले जारी आदेश की अवधि बढ़ाते हुए अब कक्षा 8 तक के सभी विद्यालयों में पढ़ाई पर 29 दिसंबर 2025 तक पूर्ण रोक लगा दी है। यह निर्णय जिले में जारी ठंड के हालात और बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकारी-निजी स्कूलों के साथ कोचिंग और आंगनबाड़ी भी बंद डीएम के आदेश के अनुसार, शिवहर जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में प्री-स्कूल से लेकर कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह स्थगित रहेंगी। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र और सभी कोचिंग संस्थानों पर भी यह आदेश लागू होगा। पहले यह प्रतिबंध 26 दिसंबर 2025 तक था, जिसे अब तीन दिन और बढ़ा दिया गया है। शीतलहर से बच्चों के स्वास्थ्य को खतरा आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिले में लगातार ठंड और शीतलहर की स्थिति बनी हुई है, जो खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। सुबह और शाम के समय तापमान में भारी गिरावट देखी जा रही है, जिससे सर्दी, खांसी, बुखार और निमोनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए एहतियातन स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया गया है। कक्षा 9 से ऊपर के लिए समय में बदलाव हालांकि, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कक्षा 9 और उससे ऊपर की कक्षाएं पूरी तरह बंद नहीं रहेंगी। इन कक्षाओं का संचालन शीतलहर से बचाव के समुचित इंतजामों के साथ सुबह 9:30 बजे से दोपहर 4:00 बजे तक किया जा सकता है। विद्यालयों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि छात्रों को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था हो, जैसे कि बंद कमरे, गर्म पानी और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं। परीक्षाओं और विशेष कक्षाओं को राहत जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध परीक्षा संबंधी गतिविधियों पर लागू नहीं होगा। यदि किसी विद्यालय में परीक्षा या उससे जुड़ी विशेष कक्षाएं निर्धारित हैं, तो उन्हें तय कार्यक्रम के अनुसार संचालित किया जा सकता है। हालांकि, इस दौरान भी छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है। आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश जिला प्रशासन ने सभी विद्यालय प्रधानों और शिक्षण संस्थानों के संचालकों को आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित स्कूल या संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी रखेंगे। मौसम की स्थिति पर प्रशासन की नजर डीएम ने कहा है कि मौसम की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। यदि ठंड और शीतलहर का प्रकोप आगे भी जारी रहता है, तो स्कूलों को लेकर और भी सख्त निर्णय लिए जा सकते हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बच्चों की जान-माल और स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अभिभावकों ने फैसले का किया स्वागत प्रशासन के इस फैसले का जिले के अभिभावकों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि मौजूदा ठंड में छोटे बच्चों का सुबह-सुबह स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में स्कूल बंद रखने का निर्णय बच्चों के हित में है। शिवहर में लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जिला दंडाधिकारी (डीएम) ने पहले जारी आदेश की अवधि बढ़ाते हुए अब कक्षा 8 तक के सभी विद्यालयों में पढ़ाई पर 29 दिसंबर 2025 तक पूर्ण रोक लगा दी है। यह निर्णय जिले में जारी ठंड के हालात और बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकारी-निजी स्कूलों के साथ कोचिंग और आंगनबाड़ी भी बंद डीएम के आदेश के अनुसार, शिवहर जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में प्री-स्कूल से लेकर कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह स्थगित रहेंगी। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र और सभी कोचिंग संस्थानों पर भी यह आदेश लागू होगा। पहले यह प्रतिबंध 26 दिसंबर 2025 तक था, जिसे अब तीन दिन और बढ़ा दिया गया है। शीतलहर से बच्चों के स्वास्थ्य को खतरा आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिले में लगातार ठंड और शीतलहर की स्थिति बनी हुई है, जो खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। सुबह और शाम के समय तापमान में भारी गिरावट देखी जा रही है, जिससे सर्दी, खांसी, बुखार और निमोनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए एहतियातन स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया गया है। कक्षा 9 से ऊपर के लिए समय में बदलाव हालांकि, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कक्षा 9 और उससे ऊपर की कक्षाएं पूरी तरह बंद नहीं रहेंगी। इन कक्षाओं का संचालन शीतलहर से बचाव के समुचित इंतजामों के साथ सुबह 9:30 बजे से दोपहर 4:00 बजे तक किया जा सकता है। विद्यालयों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि छात्रों को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था हो, जैसे कि बंद कमरे, गर्म पानी और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं। परीक्षाओं और विशेष कक्षाओं को राहत जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध परीक्षा संबंधी गतिविधियों पर लागू नहीं होगा। यदि किसी विद्यालय में परीक्षा या उससे जुड़ी विशेष कक्षाएं निर्धारित हैं, तो उन्हें तय कार्यक्रम के अनुसार संचालित किया जा सकता है। हालांकि, इस दौरान भी छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है। आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश जिला प्रशासन ने सभी विद्यालय प्रधानों और शिक्षण संस्थानों के संचालकों को आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित स्कूल या संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी रखेंगे। मौसम की स्थिति पर प्रशासन की नजर डीएम ने कहा है कि मौसम की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। यदि ठंड और शीतलहर का प्रकोप आगे भी जारी रहता है, तो स्कूलों को लेकर और भी सख्त निर्णय लिए जा सकते हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बच्चों की जान-माल और स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अभिभावकों ने फैसले का किया स्वागत प्रशासन के इस फैसले का जिले के अभिभावकों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि मौजूदा ठंड में छोटे बच्चों का सुबह-सुबह स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में स्कूल बंद रखने का निर्णय बच्चों के हित में है।  

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