उत्तर प्रदेश में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग अब नियमों को और सख्त करने जा रहा है। रोडवेज, ऑटो, ई-रिक्शा समेत सभी परिवहन वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और इमरजेंसी बटन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह व्यवस्था चरणों में लागू होगी, ताकि वाहन मालिकों को नियम समझने और पालन करने का समय मिल सके। 1 जनवरी 2026 से रजिस्ट्रेशन के वक्त होगी जांच परिवहन विभाग के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से नए वाहन के रजिस्ट्रेशन, पुराने रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण और वाहन मालिक बदलने की प्रक्रिया के दौरान यह जांच की जाएगी कि वाहन में ट्रैकिंग डिवाइस लगी है या नहीं। बिना VLTD के वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। फिटनेस और प्रदूषण जांच में भी अनिवार्य सरकार ने साफ किया है कि 1 अप्रैल 2026 से फिटनेस टेस्ट और प्रदूषण जांच (PUC) के दौरान भी VLTD और इमरजेंसी बटन की जांच की जाएगी। नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहनों को फिटनेस या PUC सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। परमिट जारी करते समय भी सख्ती 1 अप्रैल 2026 से वाहन परमिट जारी करने के समय भी ट्रैकिंग डिवाइस की अनिवार्य जांच होगी। AIS-140 मानक के अनुरूप डिवाइस न होने पर परमिट जारी नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहन में लगी VLTD और इमरजेंसी बटन सरकार द्वारा पंजीकृत कंपनी की ही हो। गैर-मान्यता प्राप्त डिवाइस को मान्य नहीं माना जाए। इन वाहनों पर लागू होगा नियम इन वाहनों नहीं लागू होगा नियम


