पांचवे दिन ईआरओ नेट पर शनिवार से काम चालू होगा। उम्मीद है कि दोपहर बाद 68 हजार 540 वोटरों के नोटिस जनरेट होने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। एक सप्ताह बाद इन नोटिसों पर 53 अफसर सुनवाई प्रारंभ करेंगे। ये कलेक्ट्रेट के 13 कमरे, तहसील दफ्तरों के अलावा मुरार टप्पा तहसील व संभाग आयुक्त दफ्तर के एक कमरे में बैठेंगे। डबरा-भितरवार के वोटरों की सुनवाई वहीं पर होगी। नो मैप वोटर, इनके पोलिंग के हिसाब से सुनवाई अधिकारी तय करने की प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी हो गई। सभी 53 अधिकारियों को उनके सुनवाई वाले स्थान की सूचना भी दे दी गई है। यह काम 14 फरवरी तक चलेगा। एक अधिकारी एक दिन में अधिकतम 50 नोटिस की सुनवाई करेगा। वहीं शुक्रवार को कुछ पोलिंग पर बीएलओ भी बैठने पहुंचे। धीरे-धीरे जिले के सभी 1935 पोलिंग बूथ पर नए नाम जुड़वाने, संशोधन व मृत वोटरों के नाम हटवाने के लिए फॉर्म बीएलओ लेने लगेंगे। यह काम एक महीने अर्थात 22 जनवरी तक चलेगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल बनवारिया ने कहा कि शनिवार को पोर्टल पर काम चालू होते ही नोटिस जनरेट होने लगेंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को 2003 के एसआईआर की डिटेल नहीं पता है या नहीं मिल रही है वे आयोग द्वारा निर्धारित 12 दस्तावेज में से कोई एक-दो दे सकते हैं। इसके बाद निर्णय ईआरओ या सक्षम अधिकारी को लेना है। पुराने एसआईआर की डिटेल नहीं तो 12 दस्तावेज ही काम आएंगे यदि आपका नाम 2003 में ट्रेस नहीं हो सका है तो 12 दस्तावेज ही मदद करेंगे। यही दस्तावेज 2003 एसआईआर में डिटेल न मिलने पर नए नाम जुड़वाने, एड्रेस बदलने सहित दूसरे संशोधन के लिए भी लगेंगे। चूंकि निर्णय 53 अधिकारियों को लेना है, इसलिए उनकी संतुष्टि इन्हीं दस्तावेज के आधार पर करनी होगी। इसके बाद भी नाम मैप होगा या जुड़ेंगे, या फिर वोटर के चाहे गए सुधार होंगे।


