मझारी स्थित बाबा कोसीनाथ मंदिर में पौष पूर्णिमा पर कोसी कल्प महायज्ञ से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल रहा। शुक्रवार को 251 कन्याओं ने शोभायात्रा निकाली। जो मझारी से लेकर कोसी तट तक चली। यात्रा के दौरान ढोल-नगाड़े, शंख और जयकारों से वातावरण गूंज उठा। कलश यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर लगभग चार किलोमीटर की दूरी तय करते हुए कोसी नदी तट पर पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर पवित्र जल कलश में भरा गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मझारी स्थित बाबा कोसीनाथ मंदिर में पौष पूर्णिमा पर कोसी कल्प महायज्ञ से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल रहा। शुक्रवार को 251 कन्याओं ने शोभायात्रा निकाली। जो मझारी से लेकर कोसी तट तक चली। यात्रा के दौरान ढोल-नगाड़े, शंख और जयकारों से वातावरण गूंज उठा। कलश यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर लगभग चार किलोमीटर की दूरी तय करते हुए कोसी नदी तट पर पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर पवित्र जल कलश में भरा गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।


