समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है गूंज महोत्सव:गंगवारसोनाहातू में स्व. विनोद बिहारी महतो की प्रतिमा का लोकार्पण

समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है गूंज महोत्सव:गंगवारसोनाहातू में स्व. विनोद बिहारी महतो की प्रतिमा का लोकार्पण

सोनाहातू में स्व. विनोद बिहारी महतो की प्रतिमा का लोकार्पण
राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि गूंज महोत्सव झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अग्रणी प्रतीक बनकर उभरा है। यह महोत्सव दिखाता है कि विविध पृष्ठभूमि के बावजूद हम सब एक हैं। राज्यपाल शनिवार काे तीन दिवसीय गूंज महोत्सव के अंतिम दिन सोनाहातू में झारखंड आंदोलन के प्रणेता स्व. विनोद बिहारी महतो की 9 फीट ऊंची प्रतिमा का लोकार्पण करने के बाद बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि स्व. विनोद बिहारी महताे झारखंड के संघर्ष और सामाजिक चेतना के प्रतीक थे। झारखंड के इतिहास में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा। उनकी प्रतिमा हमेशा आने वाली पीढ़ी को संघर्ष, सम्मान और सामाजिक दायित्व का स्मरण कराती रहेगी।
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। 500 नगाड़ों के साथ राज्यपाल का स्वागत हुआ। कलाकारों ने छऊ नृत्य की प्रस्तुति से समां बांध दिया। इस मौके पर राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, पद्मश्री मधु मंसूरी, जिप अध्यक्ष निर्मला भगत, पूर्व विधायक राम कुमार पाहन, डॉ. लंबोदर महतो, डोमन सिंह मुंडा, डॉ. देवशरण भगत, हरिलाल महतो, प्रवीण प्रभाकर, हसन अंसारी समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। नई ऊर्जा का संचार करता है महोत्सव : सेठ
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि गूंज महोत्सव एक नई उत्साह और ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से समाज को एक सूत्र में बांधने और संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य 30 वर्षों से हो रहा है। साथ ही सामाजिक समरसता के लिए लगातार प्रयास हो रहा है। सेवा व सम्मान का हुआ समागम : सुदेश
गूंज परिवार के संरक्षक सुदेश महतो ने कहा कि गूंज महोत्सव सेवा, सम्मान और सांस्कृतिक समागम को आधार मानकर समाज को समरस करता है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल झारखंड की माटी और संस्कृति को बहुत गहराई से समझते हैं। उनके आने पर पंचपरगना क्षेत्र के लोग उत्साहित हैं। सोनाहातू में स्व. विनोद बिहारी महतो की प्रतिमा का लोकार्पण
राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि गूंज महोत्सव झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक अग्रणी प्रतीक बनकर उभरा है। यह महोत्सव दिखाता है कि विविध पृष्ठभूमि के बावजूद हम सब एक हैं। राज्यपाल शनिवार काे तीन दिवसीय गूंज महोत्सव के अंतिम दिन सोनाहातू में झारखंड आंदोलन के प्रणेता स्व. विनोद बिहारी महतो की 9 फीट ऊंची प्रतिमा का लोकार्पण करने के बाद बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि स्व. विनोद बिहारी महताे झारखंड के संघर्ष और सामाजिक चेतना के प्रतीक थे। झारखंड के इतिहास में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा। उनकी प्रतिमा हमेशा आने वाली पीढ़ी को संघर्ष, सम्मान और सामाजिक दायित्व का स्मरण कराती रहेगी।
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। 500 नगाड़ों के साथ राज्यपाल का स्वागत हुआ। कलाकारों ने छऊ नृत्य की प्रस्तुति से समां बांध दिया। इस मौके पर राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, पद्मश्री मधु मंसूरी, जिप अध्यक्ष निर्मला भगत, पूर्व विधायक राम कुमार पाहन, डॉ. लंबोदर महतो, डोमन सिंह मुंडा, डॉ. देवशरण भगत, हरिलाल महतो, प्रवीण प्रभाकर, हसन अंसारी समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। नई ऊर्जा का संचार करता है महोत्सव : सेठ
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि गूंज महोत्सव एक नई उत्साह और ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से समाज को एक सूत्र में बांधने और संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य 30 वर्षों से हो रहा है। साथ ही सामाजिक समरसता के लिए लगातार प्रयास हो रहा है। सेवा व सम्मान का हुआ समागम : सुदेश
गूंज परिवार के संरक्षक सुदेश महतो ने कहा कि गूंज महोत्सव सेवा, सम्मान और सांस्कृतिक समागम को आधार मानकर समाज को समरस करता है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल झारखंड की माटी और संस्कृति को बहुत गहराई से समझते हैं। उनके आने पर पंचपरगना क्षेत्र के लोग उत्साहित हैं।  

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