दरभंगा में 24 घंटे में दो युवकों ने की आत्महत्या:3 बहनों का भाई यूपीएससी की तैयारी कर रहा था, दूसरा फंदा बनाकर पेड़ से लटका

दरभंगा में 24 घंटे में दो युवकों ने की आत्महत्या:3 बहनों का भाई यूपीएससी की तैयारी कर रहा था, दूसरा फंदा बनाकर पेड़ से लटका

दरभंगा के विशनपुर के बिसौल गांव में 24 घंटे के अंदर दो युवकों ने आत्महत्या कर ली। पहली घटना हनुमान नगर प्रखंड के वार्ड नंबर 9 की जबकि दूसरी घटना बिसौल गांव की ही है। घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया और आगे की कार्रवाई में जुट गई। जानकारी के मुताबिक, हनुमान नगर प्रखंड के वार्ड नंबर 9 के रहने वाले 26 साल के बिरजू सहनी का शव उसके कमरे में पंखे से लटका मिला। परिजनों के अनुसार, बिरजू यूपीएससी की तैयारी कर रहा था और इसी साल उसका पहला प्रयास था। पढ़ाई के साथ-साथ वह अपने खर्च के लिए पार्ट-टाइम कोचिंग भी पढ़ाता था। तीन बहनों का भाई परिवार का इकलौता सहारा था बिरजू के परिवार में तीन बहनें हैं, जबकि छोटा भाई विकास कुमार हैदराबाद में काम कर परिवार का भरण-पोषण करता है। ग्रामीणों के अनुसार बिरजू परिवार का एकमात्र सहारा था और शांत स्वभाव का युवक था, जो अधिकांश समय पढ़ाई में ही व्यस्त रहता था। वह वार्ड नंबर–9 का सचिव भी था। गुरुवार सुबह बिरजू की मां ने सबसे पहले उसकी लाश देखी, जिसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए डीएमसीएच भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच के लिए जिला से फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए। चचेरा भाई बोला- दो दिन पहले ही मुलाकात हुई थी मृतक के चचेरे भाई विजय कुमार सहनी ने बताया कि दो दिन पहले ही मेरी बिरजू से मुलाकात हुई थी। वो किसी भी तरह की परेशानी या तनाव में नहीं दिख रहा था। बिरजू रोज खाना खाने घर आता था और उसके बाद लाइब्रेरी चला जाता था। वह पूरा दिन लाइब्रेरी में पढ़ाई करता था और पढ़ाई में काफी तेज छात्र था। परिजनों के अनुसार, किसी लड़की या प्रेम-प्रसंग से जुड़ी कोई बात भी उसने कभी नहीं बताई थी। मृतक के दोस्त वंदन कुमार ने बताया कि बिरजू की मां ने उसे कमरे में फंदे से लटका हुआ देखा। वो चिल्लाने लगीं, जिसके बाद आसपास के लोग जुटे और युवक को पंखे से लटका पाया गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। वंदन कुमार के अनुसार, घर में फिलहाल मृतक की मां मौजूद हैं, जबकि उसका छोटा भाई बाहर प्रदेश में रहकर काम करता है और वहीं से परिवार का खर्च चलता था। वंदन कुमार ने बताया कि कल शाम को भी वो बिरजू से मिले थे। दोनों ने साथ बैठकर बातचीत की थी और मोटरसाइकिल से उसे घर तक छोड़कर आए थे। उस समय उसके व्यवहार, बातचीत या चेहरे से किसी तरह के तनाव या परेशानी का कोई संकेत नहीं मिला था।दोस्त ने कहा कि उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि बिरजू इस तरह का कदम उठा सकता है। चाचा बोले- किसी तरह के तनाव की कोई जानकारी नहीं मृतक के चाचा शंकर सहनी ने बताया कि उनका भतीजा बिरजू कुमार यूपीएससी की तैयारी कर रहा था और पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर था। परिवार के लोगों को उसके किसी तरह के तनाव की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि हमारा पूरा परिवार ही टूट गया है। जिस बेटे को परिवार का भविष्य माना जा रहा था, वही आज दुनिया से चला गया। चाचा ने बताया कि यह घटना कैसे हुई और बिरजू ने किस परिस्थिति में आत्महत्या जैसा कदम उठाया, यह परिवार की समझ से परे है। उन्होंने कहा कि यह घटना परिवार के लिए बेहद दर्दनाक है। मृतक के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। घर में अब केवल मां और एक बेटा ही रह गए थे। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। बिसौल गांव में 25 साल के रमणजीत ने भी दी जान इससे पहले बुधवार को बिसौल गांव के उमेश शर्मा के 25 साल के बेटे रमणजीत शर्मा का शव घर के बगल स्थित गाछी में आम के पेड़ से रस्सी के सहारे लटका मिला। शव मिलने की सूचना पर गांव में हड़कंप मच गया। विशनपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोनों मामले आत्महत्या के प्रतीत होते हैं। बिरजू सहनी के मामले में जांच के दौरान मिले कुछ तथ्यों के आधार पर प्रेम-प्रसंग से जुड़े होने की भी आशंका जताई जा रही है। वहीं रमणजीत शर्मा के मामले में उन्होंने बताया कि थाने को अब तक औपचारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है, सूचना मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। लगातार दो युवकों की आत्महत्या से पूरे बिशौल गांव में शोक की लहर है। ग्रामीण किसी भी तरह की चर्चा से बचते नजर आ रहे हैं। पुलिस दोनों मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है। दरभंगा के विशनपुर के बिसौल गांव में 24 घंटे के अंदर दो युवकों ने आत्महत्या कर ली। पहली घटना हनुमान नगर प्रखंड के वार्ड नंबर 9 की जबकि दूसरी घटना बिसौल गांव की ही है। घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया और आगे की कार्रवाई में जुट गई। जानकारी के मुताबिक, हनुमान नगर प्रखंड के वार्ड नंबर 9 के रहने वाले 26 साल के बिरजू सहनी का शव उसके कमरे में पंखे से लटका मिला। परिजनों के अनुसार, बिरजू यूपीएससी की तैयारी कर रहा था और इसी साल उसका पहला प्रयास था। पढ़ाई के साथ-साथ वह अपने खर्च के लिए पार्ट-टाइम कोचिंग भी पढ़ाता था। तीन बहनों का भाई परिवार का इकलौता सहारा था बिरजू के परिवार में तीन बहनें हैं, जबकि छोटा भाई विकास कुमार हैदराबाद में काम कर परिवार का भरण-पोषण करता है। ग्रामीणों के अनुसार बिरजू परिवार का एकमात्र सहारा था और शांत स्वभाव का युवक था, जो अधिकांश समय पढ़ाई में ही व्यस्त रहता था। वह वार्ड नंबर–9 का सचिव भी था। गुरुवार सुबह बिरजू की मां ने सबसे पहले उसकी लाश देखी, जिसके बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए डीएमसीएच भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच के लिए जिला से फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए। चचेरा भाई बोला- दो दिन पहले ही मुलाकात हुई थी मृतक के चचेरे भाई विजय कुमार सहनी ने बताया कि दो दिन पहले ही मेरी बिरजू से मुलाकात हुई थी। वो किसी भी तरह की परेशानी या तनाव में नहीं दिख रहा था। बिरजू रोज खाना खाने घर आता था और उसके बाद लाइब्रेरी चला जाता था। वह पूरा दिन लाइब्रेरी में पढ़ाई करता था और पढ़ाई में काफी तेज छात्र था। परिजनों के अनुसार, किसी लड़की या प्रेम-प्रसंग से जुड़ी कोई बात भी उसने कभी नहीं बताई थी। मृतक के दोस्त वंदन कुमार ने बताया कि बिरजू की मां ने उसे कमरे में फंदे से लटका हुआ देखा। वो चिल्लाने लगीं, जिसके बाद आसपास के लोग जुटे और युवक को पंखे से लटका पाया गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। वंदन कुमार के अनुसार, घर में फिलहाल मृतक की मां मौजूद हैं, जबकि उसका छोटा भाई बाहर प्रदेश में रहकर काम करता है और वहीं से परिवार का खर्च चलता था। वंदन कुमार ने बताया कि कल शाम को भी वो बिरजू से मिले थे। दोनों ने साथ बैठकर बातचीत की थी और मोटरसाइकिल से उसे घर तक छोड़कर आए थे। उस समय उसके व्यवहार, बातचीत या चेहरे से किसी तरह के तनाव या परेशानी का कोई संकेत नहीं मिला था।दोस्त ने कहा कि उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि बिरजू इस तरह का कदम उठा सकता है। चाचा बोले- किसी तरह के तनाव की कोई जानकारी नहीं मृतक के चाचा शंकर सहनी ने बताया कि उनका भतीजा बिरजू कुमार यूपीएससी की तैयारी कर रहा था और पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर था। परिवार के लोगों को उसके किसी तरह के तनाव की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि हमारा पूरा परिवार ही टूट गया है। जिस बेटे को परिवार का भविष्य माना जा रहा था, वही आज दुनिया से चला गया। चाचा ने बताया कि यह घटना कैसे हुई और बिरजू ने किस परिस्थिति में आत्महत्या जैसा कदम उठाया, यह परिवार की समझ से परे है। उन्होंने कहा कि यह घटना परिवार के लिए बेहद दर्दनाक है। मृतक के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। घर में अब केवल मां और एक बेटा ही रह गए थे। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। बिसौल गांव में 25 साल के रमणजीत ने भी दी जान इससे पहले बुधवार को बिसौल गांव के उमेश शर्मा के 25 साल के बेटे रमणजीत शर्मा का शव घर के बगल स्थित गाछी में आम के पेड़ से रस्सी के सहारे लटका मिला। शव मिलने की सूचना पर गांव में हड़कंप मच गया। विशनपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोनों मामले आत्महत्या के प्रतीत होते हैं। बिरजू सहनी के मामले में जांच के दौरान मिले कुछ तथ्यों के आधार पर प्रेम-प्रसंग से जुड़े होने की भी आशंका जताई जा रही है। वहीं रमणजीत शर्मा के मामले में उन्होंने बताया कि थाने को अब तक औपचारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है, सूचना मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। लगातार दो युवकों की आत्महत्या से पूरे बिशौल गांव में शोक की लहर है। ग्रामीण किसी भी तरह की चर्चा से बचते नजर आ रहे हैं। पुलिस दोनों मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।  

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