बक्सर में जीवित वृद्ध को मृत किया घोषित:डुमरांव प्रखंड कर्मियों की लापरवाही से रुकी 2 माह की पेंशन, पेंशन पोर्टल से मिली जानकारी

बक्सर में जीवित वृद्ध को मृत किया घोषित:डुमरांव प्रखंड कर्मियों की लापरवाही से रुकी 2 माह की पेंशन, पेंशन पोर्टल से मिली जानकारी

बक्सर जिले के डुमरांव प्रखंड में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां प्रखंड कर्मियों की लापरवाही के कारण 85 वर्षीय एक जीवित वृद्ध रामसहुत यादव को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया। इस प्रशासनिक चूक के कारण उनकी वृद्धावस्था पेंशन रोक दी गई। पेंशन रोकने का कारण सत्यापन के दौरान लाभार्थी को मृत पाया जाना बताया गया। प्रतापसागर निवासी रामसहुत यादव को नियमित रूप से वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। उन्हें अंतिम भुगतान अक्टूबर माह में हुआ था। इसके बाद नवंबर और दिसंबर माह की पेंशन उनके खाते में नहीं आई। लगातार दो माह पेंशन नहीं मिलने से परेशान रामसहुत यादव बुधवार दोपहर करीब एक बजे अपने बड़े बेटे के साथ डुमरांव प्रखंड कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां पेंशन भुगतान की जानकारी ली। पेंशन पोर्टल पर लाभार्थी को दर्शाया मृत कार्यालय में जांच के दौरान जब पेंशन पोर्टल पर उनका स्टेटस देखा गया, तो अधिकारी और कर्मचारी भी हैरान रह गए। स्टेटस में दर्ज था कि सत्यापन जांच के दौरान लाभार्थी को मृत दर्शाया गया है, जिसके कारण नवंबर माह से पेंशन भुगतान बंद कर दिया गया था। यह जानकारी मिलते ही वृद्ध और उनके परिजन स्तब्ध रह गए। मामला सामने आते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) संदीप कुमार पांडेय को इसकी जानकारी दी गई। बीडीओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित कर्मी से पुनः सत्यापन कराया। जीवित होने की पुष्टि होने के बाद उन्होंने वृद्ध रामसहुत यादव से आवेदन लेकर उनकी पेंशन शीघ्र पुनः शुरू कराने का निर्देश दिया। साथ ही, लंबित पेंशन राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की बात भी कही। BDO ने जांच के दिए निर्देश बीडीओ संदीप कुमार पांडेय ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद विकास मित्र सहित सत्यापन से जुड़े अन्य कर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी लापरवाही से जरूरतमंद और वृद्ध लाभार्थियों को मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है, जिस पर प्रशासन को सख्ती से नियंत्रण करना चाहिए। बक्सर जिले के डुमरांव प्रखंड में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां प्रखंड कर्मियों की लापरवाही के कारण 85 वर्षीय एक जीवित वृद्ध रामसहुत यादव को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया। इस प्रशासनिक चूक के कारण उनकी वृद्धावस्था पेंशन रोक दी गई। पेंशन रोकने का कारण सत्यापन के दौरान लाभार्थी को मृत पाया जाना बताया गया। प्रतापसागर निवासी रामसहुत यादव को नियमित रूप से वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। उन्हें अंतिम भुगतान अक्टूबर माह में हुआ था। इसके बाद नवंबर और दिसंबर माह की पेंशन उनके खाते में नहीं आई। लगातार दो माह पेंशन नहीं मिलने से परेशान रामसहुत यादव बुधवार दोपहर करीब एक बजे अपने बड़े बेटे के साथ डुमरांव प्रखंड कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां पेंशन भुगतान की जानकारी ली। पेंशन पोर्टल पर लाभार्थी को दर्शाया मृत कार्यालय में जांच के दौरान जब पेंशन पोर्टल पर उनका स्टेटस देखा गया, तो अधिकारी और कर्मचारी भी हैरान रह गए। स्टेटस में दर्ज था कि सत्यापन जांच के दौरान लाभार्थी को मृत दर्शाया गया है, जिसके कारण नवंबर माह से पेंशन भुगतान बंद कर दिया गया था। यह जानकारी मिलते ही वृद्ध और उनके परिजन स्तब्ध रह गए। मामला सामने आते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) संदीप कुमार पांडेय को इसकी जानकारी दी गई। बीडीओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित कर्मी से पुनः सत्यापन कराया। जीवित होने की पुष्टि होने के बाद उन्होंने वृद्ध रामसहुत यादव से आवेदन लेकर उनकी पेंशन शीघ्र पुनः शुरू कराने का निर्देश दिया। साथ ही, लंबित पेंशन राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की बात भी कही। BDO ने जांच के दिए निर्देश बीडीओ संदीप कुमार पांडेय ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद विकास मित्र सहित सत्यापन से जुड़े अन्य कर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी लापरवाही से जरूरतमंद और वृद्ध लाभार्थियों को मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है, जिस पर प्रशासन को सख्ती से नियंत्रण करना चाहिए।  

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