सहारनपुर में देवबंद का एक पीड़ित परिवार पुलिस लाइन स्थित एसएसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठा है। बुधवार को भीषण ठंड के बावजूद परिवार न्याय और सुरक्षा की गुहार लगा रहा है। पीड़ित का आरोप है कि जान का खतरा होने के कारण उन्हें परिवार सहित खुले आसमान के नीचे बैठने को मजबूर होना पड़ा है। धरने पर बैठे पीड़ित तेजपाल ने बताया कि वह पहले चिटफंड का काम करता था और खजानती था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कमेटी पार्टनरों ने धोखाधड़ी कर लगभग एक करोड़ रुपये का घोटाला किया है। तेजपाल ने शिवम, उसके पिता, मां और मामा सहित कुछ अन्य लोगों पर ठगी और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। तेजपाल के अनुसार, जिन लोगों ने चिटफंड में पैसे लगाए थे,वे अब उनसे रकम की मांग कर रहे हैं,जबकि कथित आरोपी पैसे लौटाने से इनकार कर रहे हैं।पीड़ित ने बताया कि लोगों का पैसा चुकाने के लिए उन्होंने अपना मकान करीब 70 लाख रुपये में बेच दिया और अपनी गाड़ी भी बेच दी। इसके बावजूद, अभी भी 18 से 19 लोगों के लाखों रुपये बकाया हैं, जिनमें से कुछ के 12 लाख तो कुछ के 22 लाख रुपये तक फंसे हुए हैं। पीड़ित तेजपाल का आरोप है कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके बच्चों को कुछ समय के लिए बंधक भी बनाया गया था। तेजपाल ने दावा किया है कि उनके पास लेनदेन से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत मौजूद हैं। तेजपाल ने बताया कि उन्होंने थाने में मुकदमा दर्ज कराया है और एसएसपी तथा डीआईजी को कई बार प्रार्थना पत्र दिए हैं। हालांकि,उनका आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।जब वे थाने जाते हैं, तो पुलिस यह कहकर टाल देती है कि ऐसी कोई सख्त धारा नहीं है, जिसमें कार्रवाई की जा सके। चार बच्चों, पत्नी और बुजुर्ग मां के साथ धरने पर बैठे तेजपाल ने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उसे और उसके परिवार को सुरक्षा और इंसाफ दिलाया जाए।


