अररिया रेलवे की 132 केवी लाइन जल्द होगी चार्ज:ट्रैक्शन सिस्टम को करेगी मजबूत, बच्चों को टावरों से दूर रहने की सलाह

अररिया रेलवे की 132 केवी लाइन जल्द होगी चार्ज:ट्रैक्शन सिस्टम को करेगी मजबूत, बच्चों को टावरों से दूर रहने की सलाह

अररिया में उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे ने स्थानीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा चेतावनी जारी की है। रेलवे ने बताया है कि नवनिर्मित 132 केवी हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन जल्द ही चार्ज की जाएगी, जिससे उच्च वोल्टेज टावरों से दूर रहने की अपील की गई है। यह ट्रांसमिशन लाइन 132/33 केवी ग्रिड सब स्टेशन अररिया को 132/25 केवी अररिया ट्रैक्शन सब स्टेशन से जोड़ती है। इसकी कुल लंबाई लगभग 5.826 सर्किट किलोमीटर है। बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीटीसीएल) की अनुमति के बाद, इसे 16 दिसंबर से 23 दिसंबर 2025 के बीच किसी भी दिन चार्ज किया जाएगा। एक बार चार्ज होने के बाद, इसमें 132 केवी की उच्च वोल्टेज बिजली प्रवाहित होगी। ट्रैक्शन सिस्टम को करेगी मजबूत रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह नई लाइन रेलवे के ट्रैक्शन सिस्टम को मजबूत करेगी, जिससे ट्रेनों की बिजली आपूर्ति सुचारु रूप से सुनिश्चित होगी। यह अररिया क्षेत्र में रेल विद्युतीकरण कार्यों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में सहायक होगा। मालेगांव स्थित इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर मृत्युंजय मिश्रा ने आम जनता से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा, “आम नागरिकों से अनुरोध है कि वे बिना अनुमति के इन नए टावरों पर न चढ़ें, न उन्हें छुएं और न ही पास में कोई निर्माण कार्य करें।” उन्होंने चेतावनी दी कि हाई वोल्टेज लाइन के कारण करंट लगने का खतरा बहुत अधिक है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। बच्चों को टावरों से दूर रहने की सलाह इंजीनियर मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है और दुर्घटना होती है, तो इसके लिए रेलवे प्राधिकरण किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं होगा। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को इन टावरों से दूर रहने की सलाह दी गई है। रेलवे का उद्देश्य विकास कार्यों के साथ-साथ जन सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जिसके लिए आसपास के गांवों और कस्बों में लोगों को जागरूक करने हेतु स्थानीय स्तर पर प्रचार भी किया जा रहा है। अररिया में उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे ने स्थानीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा चेतावनी जारी की है। रेलवे ने बताया है कि नवनिर्मित 132 केवी हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन जल्द ही चार्ज की जाएगी, जिससे उच्च वोल्टेज टावरों से दूर रहने की अपील की गई है। यह ट्रांसमिशन लाइन 132/33 केवी ग्रिड सब स्टेशन अररिया को 132/25 केवी अररिया ट्रैक्शन सब स्टेशन से जोड़ती है। इसकी कुल लंबाई लगभग 5.826 सर्किट किलोमीटर है। बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीटीसीएल) की अनुमति के बाद, इसे 16 दिसंबर से 23 दिसंबर 2025 के बीच किसी भी दिन चार्ज किया जाएगा। एक बार चार्ज होने के बाद, इसमें 132 केवी की उच्च वोल्टेज बिजली प्रवाहित होगी। ट्रैक्शन सिस्टम को करेगी मजबूत रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह नई लाइन रेलवे के ट्रैक्शन सिस्टम को मजबूत करेगी, जिससे ट्रेनों की बिजली आपूर्ति सुचारु रूप से सुनिश्चित होगी। यह अररिया क्षेत्र में रेल विद्युतीकरण कार्यों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में सहायक होगा। मालेगांव स्थित इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर मृत्युंजय मिश्रा ने आम जनता से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा, “आम नागरिकों से अनुरोध है कि वे बिना अनुमति के इन नए टावरों पर न चढ़ें, न उन्हें छुएं और न ही पास में कोई निर्माण कार्य करें।” उन्होंने चेतावनी दी कि हाई वोल्टेज लाइन के कारण करंट लगने का खतरा बहुत अधिक है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। बच्चों को टावरों से दूर रहने की सलाह इंजीनियर मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है और दुर्घटना होती है, तो इसके लिए रेलवे प्राधिकरण किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं होगा। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को इन टावरों से दूर रहने की सलाह दी गई है। रेलवे का उद्देश्य विकास कार्यों के साथ-साथ जन सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जिसके लिए आसपास के गांवों और कस्बों में लोगों को जागरूक करने हेतु स्थानीय स्तर पर प्रचार भी किया जा रहा है।  

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