Dengue India 2025: डेंगू हर साल भारत में आता है, लेकिन 2025 में इसका कहर जल्दी और ज्यादा देखने को मिला। कई राज्यों में केस पिछले सालों से काफी ज्यादा दर्ज किए गए। अगस्त 2025 तक ही देश में 49,573 केस और 42 मौतें रिपोर्ट हुईं। राष्ट्रीय निगरानी की रिपोर्ट के मुताबिक असल संख्या इससे 4-5 गुना ज्यादा हो सकती है क्योंकि कई केस रिपोर्ट ही नहीं होते। अब सवाल है 2025 में डेंगू इतना क्यों बढ़ा? और 2026 में आम लोग खुद को कैसे बचा सकते हैं?
मौसम ने बढ़ाई परेशानी
डेंगू फैलाने वाला मच्छर Aedes aegypti गर्म और नमी वाले मौसम में सबसे ज्यादा पनपता है। 2025 में बारिश जल्दी शुरू हो गई। बीच-बीच में भारी बरसात हुई, कई जगहों पर गर्मी बनी रही, इन सब वजहों से छोटे-छोटे पानी के गड्ढे ज्यादा बने, और मच्छर तेजी से बढ़े। अब डेंगू सिर्फ बरसात का नहीं, बल्कि कई शहरों में लगभग पूरे साल रहने वाला खतरा बन गया है।
शहरों में बढ़ती गंदगी और माइक्रो-ब्रीडिंग स्पॉट
तेजी से फैलते शहर, गंदे नाले, बंद ड्रेनेज और जगह-जगह कचरा, ये सब छोटे-छोटे मच्छर घर बनाते हैं। मच्छर को बस थोड़े से पानी की जरूरत होती है। फूलदान, कूलर, पुराने टायर, टूटे डिब्बे, खुले टैंक, चोक्ड नालियां शहर जितने गर्म और भीड़भाड़ वाले होंगे, डेंगू उतनी तेजी से फैलेगा।
वायरस का बदलता रूप और इम्युनिटी
डेंगू के चार प्रकार होते हैं (DENV-1 से DENV-4)। जब किसी इलाके में अचानक नया सेरोटाइप फैलना शुरू होता है तो लोग पहले से इम्यून नहीं होते। इससे केस तेजी से बढ़ते हैं। लक्षण ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। कई डॉक्टरों ने 2025 में बताया कि एडल्ट्स में गंभीर डेंगू ज्यादा देखा गया, क्योंकि वे पहले भी डेंगू झेल चुके थे और अब उन्हें दूसरे सेरोटाइप का संक्रमण हुआ।
साफ-सफाई और कंट्रोल में ढील
मच्छर नियंत्रण तभी असर करता है जब वह लगातार हो। लेकिन बारिश के बाद सफाई में देरी स्टाफ की कमी ब्लीचिंग, फॉगिंग में गैप, लोगों का लापरवाह होना, ये सब डेंगू को फैलने का मौका देते हैं।
2026 में डेंगू से बचने के आसान तरीके
हफ्ते में एक दिन पानी तलाशने का दिन बनाएं। घर और आस-पास घूमकर पानी भरे बर्तन खाली करें। कूलर साफ करें, टैंक ढकें, ये सबसे असरदार तरीका है। मच्छर से बचाव जरूरी है इसके लिए रिपेलेंट लगाएं, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। ओवरहेड टैंक, ड्रम या बाल्टी सब पर ढक्कन या जाली जरूर लगाएं। तेज बुखार, आंखों में दर्द, शरीर में दर्द, उल्टी या खून आना, तुरंत डॉक्टर दिखाएं। RWA, स्कूल और पंचायतों के साथ मिलकर हफ्ते में एक दिन सफाई करवाएं।


