उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में आज सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आ सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट पर है। संवेदनशील क्षेत्र बनभूलपुरा में भारी फोर्स को तैनात कर दिया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बाहरी लोगों और गाड़ियों की चेकिंग कर रही है। प्रशासन ने पूरे जिले में सुरक्षा बढ़ा दी है। जिला प्रशासन ने मामले में 121 उपद्रवी लोगों के खिलाफ 126/135 BNS के तहत कार्रवाई की है। जबकि 21 लोगों को धारा 170 BNS के तहत हिरासत में लिया गया है, जिनमें से अधिकांश बनभूलपुरा हिंसा प्रकरण में भी शामिल थे। रेलवे का दावा है कि बनभूलपुरा इलाके में लगभग 29 एकड़ भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया गया है। इस जमीन पर 5,000 से ज्यादा परिवार, जिनमें लगभग 50,000 लोग शामिल हैं, जो दशकों से रह रहे हैं। पहले जानिए क्या है मामला… इस मामले की शुरुआत 2022 में नैनीताल हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका (PIL) से हुई थी। नैनीताल हाईकोर्ट ने 2023 में इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश दिया था। इस आदेश के अनुसार, अतिक्रमणकारियों को एक हफ्ते का नोटिस देकर जमीन खाली करनी थी। अतिक्रमण खाली करने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन ने सभी तैयारियां भी कर ली थी। लेकिन इस आदेश के खिलाफ उस दौरान कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि इस मामले को मानवीय दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए और करीब 50,000 लोगों को रातों-रात घर खाली करने के लिए नहीं कहा जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार और रेलवे से इस मामले में समाधान निकालने और अपना पक्ष रखने के लिए कहा था। एसपी क्राइम बोले- कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसका सम्मान किया जाएगा अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दृष्टिगत रेलवे ने भी सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद बंद कर दिया है। रेलवे स्टेशन और रेल पटरियों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। मामले को गंभीरता देखते हुए नैनीताल पुलिस ने पैरामिलिट्री फोर्स को भी मंगवाया है। सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस प्रशासन ने बनभूलपुरा क्षेत्र को 4 सेक्टर में बांटा है। एसपी क्राइम डॉक्टर जगदीश चंद्रा ने बताया कि रेलवे अतिक्रमण भूमि मामले में कोर्ट का फैसला आ सकता है। जिसको लेकर पुलिस प्रशासन ने सभी तैयारी कर ली है। आरपीएफ और जिला पुलिस ने क्षेत्र में फ्लैग मार्च कर लोगों को अपील की है कि किसी भी भ्रामक अफवाहों में ध्यान न दें। कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसका सम्मान किया जाएगा। सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले में नजर बनाए हुए है। माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा। नया ट्रैफिक प्लान लागू हल्द्वानी आने वाले वाहनों के यातायात प्लान हल्द्वानी शहर का यातायात/डायवर्जन प्लान काठगोदाम से शहर हल्द्वानी की ओर आने वाले वाहनों के लिए डायवर्जन प्लान बनभूलपुरा क्षेत्र में यातायात/डायवर्जन प्लान
बनभूलपुरा अतिक्रमण मामला- सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज:50 हजार लोगों का भविष्य टिका, हल्द्वानी में हाई अलर्ट; 21 उपद्रवियों को हिरासत में लिया


