जमुई में CRPF 215वीं बटालियन का 87वां स्थापना दिवस:रक्तदान और स्वास्थ्य जांच शिविर, जवानों ने उत्साह से भाग लिया, 15 यूनिट रक्त एकत्रित

जमुई में CRPF 215वीं बटालियन का 87वां स्थापना दिवस:रक्तदान और स्वास्थ्य जांच शिविर, जवानों ने उत्साह से भाग लिया, 15 यूनिट रक्त एकत्रित

जमुई में सीआरपीएफ की 215वीं बटालियन के 87वें स्थापना दिवस के अवसर पर मलयपुर पुलिस लाइन केंद्र स्थित सीआरपीएफ कैंप में एक दिवसीय रक्तदान एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व 215वीं बटालियन के प्रभारी कमांडेंट रामविलास गुप्ता ने किया। बटालियन के महिला एवं पुरुष पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में जवानों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्वास्थ्य जांच के बाद दर्जनों जवानों और पुलिस पदाधिकारियों ने रक्तदान किया। रक्तदान शिविर से जुड़ी तस्वीरें.. रक्तदान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला
कार्यक्रम की शुरुआत प्रभारी कमांडेंट रामविलास गुप्ता द्वारा शिविर की व्यवस्था का अवलोकन करने से हुई। उन्होंने शिविर में मौजूद जवानों, अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत कर व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने उपस्थित जवानों को संबोधित करते हुए रक्तदान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। मानवता की सेवा का सबसे पवित्र और महान कार्य
कमांडेंट गुप्ता ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता। यह मानवता की सेवा का सबसे पवित्र और महान कार्य है। रक्तदान कर कोई भी व्यक्ति जरूरतमंद की जिंदगी बचा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं होता और इसकी कमी को केवल रक्तदान से ही पूरा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अब तक 15 यूनिट रक्त दान किया जा चुका है और जवानों द्वारा रक्तदान की प्रक्रिया अभी जारी है। रक्तदान से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता
प्रभारी कमांडेंट ने यह भी बताया कि रक्तदान करने से शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि इससे शरीर में नई ऊर्जा और ताजगी बनी रहती है। शिविर में एकत्रित किए गए रक्त को सरकारी ब्लड बैंक में जमा कराया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर उप कमांडेंट रमेश कुमार, सहायक कमांडेंट रंजीता कुमारी, आयुष चिकित्सक विनोद कुमार शर्मा, स्वास्थ्यकर्मी संदीप कुमार सहित बड़ी संख्या में सीआरपीएफ और पुलिस के जवान उपस्थित थे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। जमुई में सीआरपीएफ की 215वीं बटालियन के 87वें स्थापना दिवस के अवसर पर मलयपुर पुलिस लाइन केंद्र स्थित सीआरपीएफ कैंप में एक दिवसीय रक्तदान एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व 215वीं बटालियन के प्रभारी कमांडेंट रामविलास गुप्ता ने किया। बटालियन के महिला एवं पुरुष पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में जवानों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्वास्थ्य जांच के बाद दर्जनों जवानों और पुलिस पदाधिकारियों ने रक्तदान किया। रक्तदान शिविर से जुड़ी तस्वीरें.. रक्तदान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला
कार्यक्रम की शुरुआत प्रभारी कमांडेंट रामविलास गुप्ता द्वारा शिविर की व्यवस्था का अवलोकन करने से हुई। उन्होंने शिविर में मौजूद जवानों, अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत कर व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने उपस्थित जवानों को संबोधित करते हुए रक्तदान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। मानवता की सेवा का सबसे पवित्र और महान कार्य
कमांडेंट गुप्ता ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता। यह मानवता की सेवा का सबसे पवित्र और महान कार्य है। रक्तदान कर कोई भी व्यक्ति जरूरतमंद की जिंदगी बचा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं होता और इसकी कमी को केवल रक्तदान से ही पूरा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अब तक 15 यूनिट रक्त दान किया जा चुका है और जवानों द्वारा रक्तदान की प्रक्रिया अभी जारी है। रक्तदान से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता
प्रभारी कमांडेंट ने यह भी बताया कि रक्तदान करने से शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि इससे शरीर में नई ऊर्जा और ताजगी बनी रहती है। शिविर में एकत्रित किए गए रक्त को सरकारी ब्लड बैंक में जमा कराया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके। इस अवसर पर उप कमांडेंट रमेश कुमार, सहायक कमांडेंट रंजीता कुमारी, आयुष चिकित्सक विनोद कुमार शर्मा, स्वास्थ्यकर्मी संदीप कुमार सहित बड़ी संख्या में सीआरपीएफ और पुलिस के जवान उपस्थित थे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।  

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