Ahmedabad: एशिया के सबसे बड़े असारवा स्थित सिविल अस्पताल में 858 बेड का रेन बसेरा बनाया गया है। अस्पताल में देश भर से उपचार के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को यहां ठहरने की व्यवस्था की गई है। मानवता यह ठिकाना बहुत बड़ा है जिसे 60 करोड़ रुपए की खर्च से तैयार किया गया है।सिविल अस्पताल में इलाज के लिए गुजरात ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों- राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, यूपी समेत कई राज्यों और विदेशों से भी मरीज आते हैं। अब तक उनके परिजनों को ठहरने के लिए फुटपाथों या महंगे लॉज आदि का सहारा लेना पड़ता था। इस नई बहुमंज़िला सुविधा से उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और निशुल्क ठहरने का विकल्प मिलेगा। खासकर इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ा लाभ होगा।
हर वर्ष एक लाख लोग होते हैं भर्ती
सिविल अस्पताल में हर साल एक लाख से अधिक मरीज भर्ती होते हैं और उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए यह रेन बसेरा राहत का ठिकाना बनेगा। इससे अस्पताल की गलियों और कॉरिडोर में भीड़ कम होगी और स्वच्छता बनाए रखना आसान होगा। यह सुविधा हाल ही में शुरू की गई है और अब मरीजों के परिजन इसका लाभ उठा सकते हैं।
विशाल कैंटीन, पार्किंग व्यवस्था
भवन का कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 24,436 वर्ग मीटर है। इसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और आठ मंज़िलें शामिल हैं। सुविधाओं में डॉरमेट्री, शौचालय, सुरक्षित लॉकर, रिसेप्शन, टीवी रूम, एटीएम और दैनिक जरूरतों की दुकानों की व्यवस्था की गई है। ग्राउंड फ्लोर पर 280 लोगों की क्षमता वाला विशाल कैंटीन और आधुनिक रसोई भी बनाई गई है। यातायात की समस्या को ध्यान में रखते हुए बेसमेंट में चार पहिया वाले 58 वाहनों और दोपहिया 91 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार के अनुसार यह रेन बसेरा सेवा और मानवीय दृष्टिकोण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो मरीजों के परिजनों को राहत और गरिमा प्रदान करेगा।


