भारतीय प्रबंधन संस्थान, लखनऊ में गुरुवार को 40वां दीक्षांत समारोह उत्साह के साथ मनाया गया। समारोह में 807 छात्र-छात्राओं को उनकी मेहनत और उपलब्धियों के लिए डिग्रियां प्रदान की गईं। इस बार का समारोह संस्थान के लिए खास रहा, क्योंकि IIM लखनऊ को प्रतिष्ठित ‘ट्रिपल क्राउन’—EQUIS, AACSB और AMBA की मान्यता भी मिल चुकी है, जिससे यह दुनिया के चुनिंदा बिजनेस स्कूलों में शामिल हो गया है। समारोह के मुख्य अतिथि बजाज ग्रुप के संजीव बजाज रहे। कहा- छात्रों को बदलते वैश्विक माहौल में आगे बढ़ने के लिए नवाचार, नेतृत्व और निरंतर सीखते रहना चाहिए। बिजनेस गोल को सेट कर उसे पाने के लिए मेहनत करनी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता एन. चंद्रशेखरन ने की। कहा- संस्थान का लक्ष्य ऐसे लीडर्स तैयार करना है, जो जटिल कारोबारी चुनौतियों का समाधान दे सकें। AI और टेक्नोलॉजी आधारित नए कोर्स शुरू किए जाएंगे इस मौके पर अलग-अलग कोर्सों के छात्रों को डिग्रियां दी गईं। MBA के 504, एग्री बिजनेस के 55, इंटरनेशनल प्रोग्राम के 114, वर्किंग एग्जीक्यूटिव्स के 64, सस्टेनेबल मैनेजमेंट के 46 और PhD व फेलो प्रोग्राम के 24 छात्रों को सम्मानित किया गया। संस्थान के निदेशक प्रो. एम.पी. गुप्ता ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि आने वाले समय में AI और टेक्नोलॉजी आधारित नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। साथ ही इंटीग्रेटेड ड्यूल डिग्री जैसे कार्यक्रम भी शुरू करने की तैयारी है। मेधावी छात्रों को सम्मानित किया समारोह में मेधावी छात्रों को मेडल और अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया। PGP कोर्स में जे. सौंदर्या ने चेयरमैन गोल्ड मेडल हासिल किया, जबकि वंशिता गोयंका को डायरेक्टर मेडल मिला। संचिता और गार्गी म्हस्कर ने भी अपने-अपने वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बेस्ट गर्ल स्टूडेंट अवॉर्ड इस बार संयुक्त रूप से जे. सौंदर्या और वंशिता गोयंका को दिया गया। अन्य कोर्सों में रौनक दे, कार्तिक गुप्ता, विनी श्रीवास्तव और अविनाश दास ने टॉप कर मेडल अपने नाम किए। समारोह में मेधावियों की चमक सबसे अलग नजर आई। कड़ी मेहनत और लगन से छात्रों ने न सिर्फ बेहतरीन प्रदर्शन किया, बल्कि अपने सपनों को भी नई उड़ान दी। मंच पर सम्मान पाते हुए हर छात्र की आंखों में खुशी और भविष्य के सपने साफ झलक रहे थे।


