बांका के रजौन थाना क्षेत्र अंतर्गत खैरा गांव में पागल कुत्तों के झुंड ने हमला कर आठ बकरियों को मार डाला। इस घटना के बाद पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल बन गया है। जानकारी के अनुसार खैरा गांव निवासी पशुपालक रतन हरिजन प्रतिदिन की तरह अपनी बकरियों को खेत में चरने के लिए छोड़ दिया था। इसी दौरान अचानक पागल कुत्तों का झुंड वहां पहुंच गया और बकरियों पर हमला बोल दिया। कुत्ते बकरियों को घसीटकर झाड़ियों में ले गए कुत्तों ने बकरियों को बुरी तरह घायल कर दिया, जिससे सभी आठों बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। हमले के बाद कुत्ते बकरियों को घसीटकर पास की झाड़ियों में छोड़कर भाग गए। कुछ देर बाद जब रतन हरिजन खेत पर पहुंचे तो बकरियां नजर नहीं आईं। उन्होंने आसपास खोजबीन शुरू की और झाड़ियों में जाकर देखा तो सभी बकरियां मृत पड़ी थीं। परिवार पर आर्थिक संकट, पहली घटना एक साथ आठ बकरियों की मौत देखकर पशुपालक सदमे में आ गए। इस घटना से उनके परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पहले भी आवारा कुत्तों की समस्या रही है, लेकिन इस तरह की घटना पहली बार हुई है। घटना के बाद गांव के लोग खासे भयभीत हैं। अभिभावक अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से परहेज कर रहे हैं। पशुपालक ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है, ताकि उन्हें हुए नुकसान की भरपाई हो सके। लगातार पागल कुत्ते के हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि अचानक कुत्ते का झुंड कहीं से आकर हमला कर देता है। बांका के रजौन थाना क्षेत्र अंतर्गत खैरा गांव में पागल कुत्तों के झुंड ने हमला कर आठ बकरियों को मार डाला। इस घटना के बाद पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल बन गया है। जानकारी के अनुसार खैरा गांव निवासी पशुपालक रतन हरिजन प्रतिदिन की तरह अपनी बकरियों को खेत में चरने के लिए छोड़ दिया था। इसी दौरान अचानक पागल कुत्तों का झुंड वहां पहुंच गया और बकरियों पर हमला बोल दिया। कुत्ते बकरियों को घसीटकर झाड़ियों में ले गए कुत्तों ने बकरियों को बुरी तरह घायल कर दिया, जिससे सभी आठों बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। हमले के बाद कुत्ते बकरियों को घसीटकर पास की झाड़ियों में छोड़कर भाग गए। कुछ देर बाद जब रतन हरिजन खेत पर पहुंचे तो बकरियां नजर नहीं आईं। उन्होंने आसपास खोजबीन शुरू की और झाड़ियों में जाकर देखा तो सभी बकरियां मृत पड़ी थीं। परिवार पर आर्थिक संकट, पहली घटना एक साथ आठ बकरियों की मौत देखकर पशुपालक सदमे में आ गए। इस घटना से उनके परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पहले भी आवारा कुत्तों की समस्या रही है, लेकिन इस तरह की घटना पहली बार हुई है। घटना के बाद गांव के लोग खासे भयभीत हैं। अभिभावक अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से परहेज कर रहे हैं। पशुपालक ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है, ताकि उन्हें हुए नुकसान की भरपाई हो सके। लगातार पागल कुत्ते के हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि अचानक कुत्ते का झुंड कहीं से आकर हमला कर देता है।


