महाराष्ट्र सरकार ने जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव को लेकर एक अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने 7 फरवरी को उद्योगों, निजी कंपनियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सवैतनिक अवकाश यानी पेड छुट्टी (Paid Holiday on February 7) घोषित की है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदान से वंचित न रहे।
सरकारी आदेश में साफ कहा गया है कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पंजीकृत मतदाताओं का मतदान करना लोकतांत्रिक कर्तव्य है और मतदान के दिन कर्मचारियों को यह अधिकार प्रयोग करने की सुविधा देना अनिवार्य है। आदेश में यह भी माना गया है कि पूर्व में कानूनी प्रावधान होने के बावजूद कुछ संस्थानों ने छुट्टी नहीं दी, जिससे कई कर्मचारी अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर सके।
महाराष्ट्र में 7 फरवरी को 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के लिए मतदान होगा, जबकि मतगणना 9 फरवरी को की जाएगी। सरकार ने निर्देश दिया है कि जिन कर्मचारियों का नाम संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में है, उन्हें मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश दिया जाए, भले ही वे उस क्षेत्र से बाहर काम कर रहे हों।
इन क्षेत्रों पर लागू होगा सरकार का सख्त आदेश
महाराष्ट्र के उद्योग, ऊर्जा और श्रम विभाग द्वारा जारी यह आदेश केवल सरकारी दफ्तरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र के तमाम संस्थानों पर भी अनिवार्य रूप से लागू होगा। सरकार के निर्देशानुसार, राज्य की सभी निजी कंपनियों, फैक्ट्रियों, आईटी (IT) पार्क्स और बिजनेस यूनिट्स में 7 फरवरी को अवकाश देना अनिवार्य है। इसके साथ ही, शॉपिंग मॉल्स, रिटेल आउटलेट्स, शोरूम, होटल, रेस्टोरेंट और थिएटर जैसे सभी कमर्शियल प्रतिष्ठानों को भी इस आदेश के दायरे में रखा गया है।
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि मतदान के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए इन सभी क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को ‘पेड लीव’ की सुविधा प्रदान करना हर नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी। यह फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि स्थानीय निकाय चुनावों में अधिकतम मतदान सुनिश्चित किया जा सके। यह आदेश उन कर्मचारियों पर भी लागू होगा जो चुनावी क्षेत्र के वोटर हैं, भले ही उनकी कंपनी चुनाव वाले क्षेत्र से बाहर हो।
स्कूलों-कॉलेजों पर असर
7 फरवरी को होने वाले चुनावों का असर शैक्षणिक संस्थानों पर भी देखने को मिलेगा। दरअसल, अधिकांश स्कूलों और कॉलेजों की इमारतों का उपयोग मतदान केंद्र (Polling Stations) के रूप में किया जाता है। इसके अलावा, शिक्षा विभाग के हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने में लगाई गई है।
शिक्षण संस्थानों में मतदान केंद्र होने और स्टाफ की कमी के चलते 7 फरवरी को स्कूल और कॉलेजों में भी छुट्टी रहेगी। इस संबंध में अंतिम आदेश संबंधित शैक्षणिक संस्थानों की ओर से जारी किए जाएंगे।


