बक्सर में 79 किलो गांजा जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार:अंतरजिला गिरोह के नशे के नेटवर्क पर पुलिस का वार, कार और स्मार्टफोन भी जब्त

बक्सर में 79 किलो गांजा जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार:अंतरजिला गिरोह के नशे के नेटवर्क पर पुलिस का वार, कार और स्मार्टफोन भी जब्त

बक्सर के डुमरांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 78.965 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। साथ ही तीन तस्करों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक कार और एक कीमती स्मार्टफोन भी जब्त किया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। गुप्त सूचना पर बनी विशेष टीम पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि डुमरांव के जंगल बाजार रोड स्थित शक्ति द्वार इलाके में रहने वाला छोटे तुरहा अपने घर से अवैध मादक पदार्थों का कारोबार चला रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसपी शुभम आर्य के निर्देश पर एसडीपीओ पोलस्त कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा, अंचल निरीक्षक अरविंद कुमार समेत कई पुलिसकर्मी शामिल किए गए। टीम को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। छापेमारी में भारी मात्रा में गांजा बरामद पुलिस टीम ने सटीक सूचना के आधार पर छोटे तुरहा के घर पर छापेमारी की। इस दौरान घर की तलाशी लेने पर बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। कुल 78.965 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। छापेमारी के दौरान मौके से छोटे तुरहा समेत दो अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बिना किसी विरोध के आरोपियों को हिरासत में ले लिया। तीनों आरोपी अलग-अलग जिलों के निवासी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डुमरांव निवासी छोटे तुरहा, सिकरौल थाना क्षेत्र के भदार गांव निवासी भीम कुमार और आरा जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के मसाढ़ गांव निवासी सत्येंद्र कुमार के रूप में हुई है। तीनों आरोपियों का नेटवर्क अलग-अलग जिलों में फैला हुआ था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह अंतरजिला स्तर पर सक्रिय था। पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए हैं। सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वह अपने भाई सुरेंद्र तुरहा के साथ लंबे समय से इस अवैध कारोबार में शामिल रहा है। उसका भाई फिलहाल जेल में बंद है, लेकिन इसके बावजूद वह नए साथियों के साथ इस नेटवर्क को चला रहा था। इस खुलासे के बाद पुलिस को गिरोह के विस्तार और उसके संचालन के तरीके की महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पहले से दर्ज है आपराधिक इतिहास जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि सत्येंद्र कुमार के खिलाफ पहले से ही भोजपुर जिले के उदवंतनगर थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इससे यह स्पष्ट होता है कि आरोपी पहले से ही नशा तस्करी के संगठित नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि इसके अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। कार और स्मार्टफोन भी जब्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने गांजा के अलावा एक सफेद रंग की कार और एक स्मार्टफोन भी जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इनका इस्तेमाल तस्करी के नेटवर्क को संचालित करने में किया जा रहा था। जब्त मोबाइल फोन की जांच के जरिए पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके संपर्कों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसके लिए तकनीकी और मानव संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। नशा तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान इस मामले पर एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने कहा कि डुमरांव पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ अभियान चला रही है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी हाल में इस तरह के अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि अगर उन्हें कहीं भी नशा तस्करी से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इलाके में मचा हड़कंप, सख्ती का संदेश पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई ने यह साफ संदेश दिया है कि नशा तस्करों के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह सख्त है और किसी भी कीमत पर उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे क्षेत्र में नशा तस्करी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। बक्सर के डुमरांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 78.965 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। साथ ही तीन तस्करों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक कार और एक कीमती स्मार्टफोन भी जब्त किया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। गुप्त सूचना पर बनी विशेष टीम पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि डुमरांव के जंगल बाजार रोड स्थित शक्ति द्वार इलाके में रहने वाला छोटे तुरहा अपने घर से अवैध मादक पदार्थों का कारोबार चला रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसपी शुभम आर्य के निर्देश पर एसडीपीओ पोलस्त कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा, अंचल निरीक्षक अरविंद कुमार समेत कई पुलिसकर्मी शामिल किए गए। टीम को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। छापेमारी में भारी मात्रा में गांजा बरामद पुलिस टीम ने सटीक सूचना के आधार पर छोटे तुरहा के घर पर छापेमारी की। इस दौरान घर की तलाशी लेने पर बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। कुल 78.965 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया, जिसकी बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। छापेमारी के दौरान मौके से छोटे तुरहा समेत दो अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बिना किसी विरोध के आरोपियों को हिरासत में ले लिया। तीनों आरोपी अलग-अलग जिलों के निवासी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डुमरांव निवासी छोटे तुरहा, सिकरौल थाना क्षेत्र के भदार गांव निवासी भीम कुमार और आरा जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के मसाढ़ गांव निवासी सत्येंद्र कुमार के रूप में हुई है। तीनों आरोपियों का नेटवर्क अलग-अलग जिलों में फैला हुआ था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह अंतरजिला स्तर पर सक्रिय था। पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए हैं। सत्येंद्र कुमार ने बताया कि वह अपने भाई सुरेंद्र तुरहा के साथ लंबे समय से इस अवैध कारोबार में शामिल रहा है। उसका भाई फिलहाल जेल में बंद है, लेकिन इसके बावजूद वह नए साथियों के साथ इस नेटवर्क को चला रहा था। इस खुलासे के बाद पुलिस को गिरोह के विस्तार और उसके संचालन के तरीके की महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पहले से दर्ज है आपराधिक इतिहास जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि सत्येंद्र कुमार के खिलाफ पहले से ही भोजपुर जिले के उदवंतनगर थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इससे यह स्पष्ट होता है कि आरोपी पहले से ही नशा तस्करी के संगठित नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि इसके अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। कार और स्मार्टफोन भी जब्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने गांजा के अलावा एक सफेद रंग की कार और एक स्मार्टफोन भी जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इनका इस्तेमाल तस्करी के नेटवर्क को संचालित करने में किया जा रहा था। जब्त मोबाइल फोन की जांच के जरिए पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके संपर्कों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसके लिए तकनीकी और मानव संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। नशा तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान इस मामले पर एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने कहा कि डुमरांव पुलिस नशा तस्करी के खिलाफ पूरी सख्ती के साथ अभियान चला रही है। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी हाल में इस तरह के अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि अगर उन्हें कहीं भी नशा तस्करी से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इलाके में मचा हड़कंप, सख्ती का संदेश पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई ने यह साफ संदेश दिया है कि नशा तस्करों के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह सख्त है और किसी भी कीमत पर उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे क्षेत्र में नशा तस्करी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।  

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