नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की टीम ने अररिया शहर के जीरोमाइल ओवर ब्रिज के पास बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने एक एसयूवी वाहन से लगभग 80 हजार रुपए के 79 किलोग्राम गांजा बरामद किया और दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। गिरफ्तार तस्करों की पहचान सुपौल जिले के जदिया निवासी शिवनारायण यादव और सहरसा जिले के सरोजा गांव निवासी अंकित कुमार सिंह के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को नगर थाना ले जाया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। असम से बिहार के विभिन्न जिलों में आपूर्ति के लिए भेजा जा रहा था प्रारंभिक पूछताछ में तस्करों ने कबूल किया कि गांजा की यह खेप गुवाहाटी के पलटन बाजार से लाई गई थी और इसे सुपौल के भपटीयाही इलाके में पहुंचाया जाना था। यह गांजा असम से बिहार के विभिन्न जिलों में आपूर्ति के लिए भेजा जा रहा था। नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम अब इस मामले में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज का पता लगाने में जुटी है। जांचकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि गांजा का मुख्य स्रोत कौन है और इसे आगे कहां-कहां सप्लाई किया जाना था। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ से तस्करी नेटवर्क के कई और सदस्यों का खुलासा हो सकता है। पिछले कुछ समय से गांजा तस्करी के मामलों में वृद्धि बिहार में पिछले कुछ समय से गांजा तस्करी के मामलों में वृद्धि हुई है, खासकर नेपाल और पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाली खेपों के साथ। अररिया जैसे सीमावर्ती जिले तस्करों के लिए ट्रांजिट पॉइंट बन गए हैं। वर्तमान में दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की टीम ने अररिया शहर के जीरोमाइल ओवर ब्रिज के पास बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने एक एसयूवी वाहन से लगभग 80 हजार रुपए के 79 किलोग्राम गांजा बरामद किया और दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। गिरफ्तार तस्करों की पहचान सुपौल जिले के जदिया निवासी शिवनारायण यादव और सहरसा जिले के सरोजा गांव निवासी अंकित कुमार सिंह के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को नगर थाना ले जाया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। असम से बिहार के विभिन्न जिलों में आपूर्ति के लिए भेजा जा रहा था प्रारंभिक पूछताछ में तस्करों ने कबूल किया कि गांजा की यह खेप गुवाहाटी के पलटन बाजार से लाई गई थी और इसे सुपौल के भपटीयाही इलाके में पहुंचाया जाना था। यह गांजा असम से बिहार के विभिन्न जिलों में आपूर्ति के लिए भेजा जा रहा था। नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम अब इस मामले में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज का पता लगाने में जुटी है। जांचकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि गांजा का मुख्य स्रोत कौन है और इसे आगे कहां-कहां सप्लाई किया जाना था। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ से तस्करी नेटवर्क के कई और सदस्यों का खुलासा हो सकता है। पिछले कुछ समय से गांजा तस्करी के मामलों में वृद्धि बिहार में पिछले कुछ समय से गांजा तस्करी के मामलों में वृद्धि हुई है, खासकर नेपाल और पूर्वोत्तर राज्यों से आने वाली खेपों के साथ। अररिया जैसे सीमावर्ती जिले तस्करों के लिए ट्रांजिट पॉइंट बन गए हैं। वर्तमान में दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया गया है।


