औरंगाबाद में 72 घंटे का अखंड कीर्तन समापन:भंडारा में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया, 36 सालों से चली आ रही परंपरा

औरंगाबाद में 72 घंटे का अखंड कीर्तन समापन:भंडारा में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया, 36 सालों से चली आ रही परंपरा

औरंगाबाद की कुटुंबा प्रखंड अंतर्गत लभरी परसावां गांव में रामनवमी के अवसर पर लगातार 36 वर्षों से 72 घंटे का अखंड कीर्तन का आयोजन किया जाता है। अखंड कीर्तन के समापन के बाद भव्य भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता है जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल होते हैं। सोमवार को राम नाम अखंड संकीर्तन के समापन के बाद भव्य भंडारा का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उद्घाटन जिप उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सह राजद के प्रदेश कार्य समिति सदस्य ई. सुबोध कुमार सिंह, जिप प्रतिनिधि सह पैक्स अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता, पैक्स अध्यक्ष मनमोहन सिंह, पैक्स प्रतिनिधि अक्षय कुमार सिंह, सरपंच विकास कुमार पासवान, मुखिया प्रतिनिधि जितेंद्र पासवान समेत अन्य गणमान्य लोगों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। हजारों की संख्या में शामिल होते हैं ग्रामीण संचालन शिक्षक गोपाल भारती ने की। संबोधन के दौरान जिप उपाध्यक्ष प्रतिनिधि ने कहा कि कलयुग में राम नाम से बड़ा कोई मंत्र नहीं है। प्रत्येक वर्ष समिति के द्वारा 72 घंटे का अखंड कीर्तन का आयोजन किया जाता है। जिसमें परसावां गांव के अलावा आसपास के भी ग्रामीण बढ़ चलकर भाग लेते हैं। लगातार राम नाम संकीर्तन से पूरा इलाका राममय हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी चैता गायन की परंपरा विलुप्त होते जा रही है। लेकिन समिति की ओर से लगातार 36 वर्षों से अखंड कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कराया जाता है। ऐसे कार्यक्रमों से आजकल के नौनिहालों को हमारी संस्कृति के बारे में जानकारी मिलती है। ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि दुगोला कार्यक्रम के दौरान संगीतमय प्रश्नोत्तरी से लोगों को धर्म संस्कृति के बारे में जानकारी मिलती है। मनमोहन सिंह ने कहा कि इस परंपरा को आगे बढ़ाए जाने की जरूरत है। इस तरह के आयोजनों से लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है। वहीं समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव विकसित होता है। बिहार और झारखंड के कलाकारों के बीच कड़ा मुकाबला उद्घाटन के बाद बिहार और झारखंड के कलाकारों के बीच खड़ा मुकाबला देखने को मिला। बिहार के छपरा से पहुंचे लोक गायक हेमंत गिरी ने सुमिरन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद झारखंड से आए कलाकार अमर अकेला ने अपने गायन के माध्यम से समां बांध दिया। दोनों कलाकारों के बीच मंगलवार अहले सुबह तक संगीतमय प्रश्नोत्तरी चला रहा। दर्शकों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया। कार्यक्रम के समापन के बाद दोनों कलाकारों को समिति के द्वारा सम्मानित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष सुरेश पासवान, उपाध्यक्ष सुनील गुप्ता, संयोजक विजय कुमार तिवारी उर्फ डॉन तिवारी, कोषाध्यक्ष चंदन गुप्ता, चंद्र प्रकाश गुप्ता, आकाश गुप्ता, बसंत कुमार, मदन गुप्ता समेत अन्य लोगों की भूमिका सराहनीय रही। मौके पर मुखिया सिकंदर यादव,पंसस प्रतिनिधि कंचन गुप्ता, दीपक गुप्ता, प्रदीप गुप्ता समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। औरंगाबाद की कुटुंबा प्रखंड अंतर्गत लभरी परसावां गांव में रामनवमी के अवसर पर लगातार 36 वर्षों से 72 घंटे का अखंड कीर्तन का आयोजन किया जाता है। अखंड कीर्तन के समापन के बाद भव्य भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता है जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल होते हैं। सोमवार को राम नाम अखंड संकीर्तन के समापन के बाद भव्य भंडारा का आयोजन किया गया। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उद्घाटन जिप उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सह राजद के प्रदेश कार्य समिति सदस्य ई. सुबोध कुमार सिंह, जिप प्रतिनिधि सह पैक्स अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता, पैक्स अध्यक्ष मनमोहन सिंह, पैक्स प्रतिनिधि अक्षय कुमार सिंह, सरपंच विकास कुमार पासवान, मुखिया प्रतिनिधि जितेंद्र पासवान समेत अन्य गणमान्य लोगों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। हजारों की संख्या में शामिल होते हैं ग्रामीण संचालन शिक्षक गोपाल भारती ने की। संबोधन के दौरान जिप उपाध्यक्ष प्रतिनिधि ने कहा कि कलयुग में राम नाम से बड़ा कोई मंत्र नहीं है। प्रत्येक वर्ष समिति के द्वारा 72 घंटे का अखंड कीर्तन का आयोजन किया जाता है। जिसमें परसावां गांव के अलावा आसपास के भी ग्रामीण बढ़ चलकर भाग लेते हैं। लगातार राम नाम संकीर्तन से पूरा इलाका राममय हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी चैता गायन की परंपरा विलुप्त होते जा रही है। लेकिन समिति की ओर से लगातार 36 वर्षों से अखंड कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कराया जाता है। ऐसे कार्यक्रमों से आजकल के नौनिहालों को हमारी संस्कृति के बारे में जानकारी मिलती है। ओम प्रकाश गुप्ता ने कहा कि दुगोला कार्यक्रम के दौरान संगीतमय प्रश्नोत्तरी से लोगों को धर्म संस्कृति के बारे में जानकारी मिलती है। मनमोहन सिंह ने कहा कि इस परंपरा को आगे बढ़ाए जाने की जरूरत है। इस तरह के आयोजनों से लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है। वहीं समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव विकसित होता है। बिहार और झारखंड के कलाकारों के बीच कड़ा मुकाबला उद्घाटन के बाद बिहार और झारखंड के कलाकारों के बीच खड़ा मुकाबला देखने को मिला। बिहार के छपरा से पहुंचे लोक गायक हेमंत गिरी ने सुमिरन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद झारखंड से आए कलाकार अमर अकेला ने अपने गायन के माध्यम से समां बांध दिया। दोनों कलाकारों के बीच मंगलवार अहले सुबह तक संगीतमय प्रश्नोत्तरी चला रहा। दर्शकों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया। कार्यक्रम के समापन के बाद दोनों कलाकारों को समिति के द्वारा सम्मानित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष सुरेश पासवान, उपाध्यक्ष सुनील गुप्ता, संयोजक विजय कुमार तिवारी उर्फ डॉन तिवारी, कोषाध्यक्ष चंदन गुप्ता, चंद्र प्रकाश गुप्ता, आकाश गुप्ता, बसंत कुमार, मदन गुप्ता समेत अन्य लोगों की भूमिका सराहनीय रही। मौके पर मुखिया सिकंदर यादव,पंसस प्रतिनिधि कंचन गुप्ता, दीपक गुप्ता, प्रदीप गुप्ता समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।  

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