धमदाहा नगर पंचायत में सोमवार को आयोजित स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 72 करोड़ 1 लाख 997 रुपये की राशि स्वीकृत होते ही नगर में उम्मीदों की नई लहर दौड़ गई है। लंबे समय से विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और पिछली योजनाओं पर उठे सवालों के बीच इस बार का बजट सत्र नगरवासियों के लिए उम्मीद और परीक्षा—दोनों बनकर सामने आया है। प्रखंड मुख्यालय स्थित नगर पंचायत सभागार में आयोजित इस अहम बैठक की अध्यक्षता मुख्य पार्षद रानी देवी ने की। बैठक में कार्यपालक पदाधिकारी दिव्या मिश्रा, स्वच्छता पदाधिकारी नुसरत खातून, उपमुख्य पार्षद समेत सभी 23 वार्ड पार्षद मौजूद रहे। विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए सर्वसम्मति से राशि को मंजूरी दी गई। स्वीकृत योजनाओं में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को मजबूत करना, नलों की नियमित सफाई, सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण व मरम्मत और पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाना शामिल है। इसके अलावा भी कई बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है, जिनसे नगर के ढांचागत विकास की उम्मीद जताई जा रही है। लेकिन इस बार कहानी सिर्फ योजनाओं की स्वीकृति तक सीमित नहीं है। असली मुद्दा है—जनता का भरोसा। पिछले बजट सत्र में कई योजनाएं कागजों में सिमट कर रह गईं, जिस कारण नगरवासियों में नाराजगी साफ देखी गई थी। यही वजह है कि इस बार बजट पास होते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। नगर के कई नागरिकों ने खुलकर अपनी बात रखते हुए कहा कि “हर बार बजट आता है, योजनाएं बनती हैं, लेकिन जमीन पर कुछ खास नहीं दिखता। इस बार हम सिर्फ घोषणा नहीं, काम देखना चाहते हैं।” लोगों ने नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सीधा आग्रह किया है कि इस बार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को पूरी तरह दरकिनार किया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर के विकास के लिए जो बड़ी राशि आवंटित की गई है, उसका उपयोग केवल और केवल विकास कार्यों में ही हो। उन्होंने तीखे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि “अगर इस बार भी मिलीभगत और भ्रष्टाचार के जरिए राशि का दुरुपयोग हुआ, तो जनता चुप नहीं बैठेगी।”
कार्यपालक पदाधिकारी दिव्या मिश्रा ने भरोसा दिलाया कि सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी। वहीं मुख्य पार्षद रानी देवी ने भी जनप्रतिनिधियों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि नगर के विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
फिलहाल, धमदाहा नगर पंचायत एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां कागजी योजनाओं और जमीनी हकीकत के बीच की दूरी को खत्म करना सबसे बड़ी चुनौती है। जनता की निगाहें अब हर फैसले, हर काम और हर खर्च पर टिकी हैं। धमदाहा नगर पंचायत में सोमवार को आयोजित स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 72 करोड़ 1 लाख 997 रुपये की राशि स्वीकृत होते ही नगर में उम्मीदों की नई लहर दौड़ गई है। लंबे समय से विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और पिछली योजनाओं पर उठे सवालों के बीच इस बार का बजट सत्र नगरवासियों के लिए उम्मीद और परीक्षा—दोनों बनकर सामने आया है। प्रखंड मुख्यालय स्थित नगर पंचायत सभागार में आयोजित इस अहम बैठक की अध्यक्षता मुख्य पार्षद रानी देवी ने की। बैठक में कार्यपालक पदाधिकारी दिव्या मिश्रा, स्वच्छता पदाधिकारी नुसरत खातून, उपमुख्य पार्षद समेत सभी 23 वार्ड पार्षद मौजूद रहे। विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए सर्वसम्मति से राशि को मंजूरी दी गई। स्वीकृत योजनाओं में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को मजबूत करना, नलों की नियमित सफाई, सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण व मरम्मत और पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाना शामिल है। इसके अलावा भी कई बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई है, जिनसे नगर के ढांचागत विकास की उम्मीद जताई जा रही है। लेकिन इस बार कहानी सिर्फ योजनाओं की स्वीकृति तक सीमित नहीं है। असली मुद्दा है—जनता का भरोसा। पिछले बजट सत्र में कई योजनाएं कागजों में सिमट कर रह गईं, जिस कारण नगरवासियों में नाराजगी साफ देखी गई थी। यही वजह है कि इस बार बजट पास होते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। नगर के कई नागरिकों ने खुलकर अपनी बात रखते हुए कहा कि “हर बार बजट आता है, योजनाएं बनती हैं, लेकिन जमीन पर कुछ खास नहीं दिखता। इस बार हम सिर्फ घोषणा नहीं, काम देखना चाहते हैं।” लोगों ने नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सीधा आग्रह किया है कि इस बार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को पूरी तरह दरकिनार किया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर के विकास के लिए जो बड़ी राशि आवंटित की गई है, उसका उपयोग केवल और केवल विकास कार्यों में ही हो। उन्होंने तीखे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि “अगर इस बार भी मिलीभगत और भ्रष्टाचार के जरिए राशि का दुरुपयोग हुआ, तो जनता चुप नहीं बैठेगी।”
कार्यपालक पदाधिकारी दिव्या मिश्रा ने भरोसा दिलाया कि सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी। वहीं मुख्य पार्षद रानी देवी ने भी जनप्रतिनिधियों की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि नगर के विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
फिलहाल, धमदाहा नगर पंचायत एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां कागजी योजनाओं और जमीनी हकीकत के बीच की दूरी को खत्म करना सबसे बड़ी चुनौती है। जनता की निगाहें अब हर फैसले, हर काम और हर खर्च पर टिकी हैं।


