मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय ने विभिन्न प्रमाण-पत्रों के लिए नया शुल्क निर्धारण पत्र जारी कर दिया गया है। ऑनलाइन मोड में मूल प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु सामान्य कोर्स के लिए 600 रुपए, एमबीबीएस एवं पीएचडी के लिए 1000 रुपए, माइग्रेशन प्रमाण पत्र के लिए 500 रुपए लिया जाएगा। जबकि डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन स्लिप, एडमिट कार्ड एवं प्रोविजनल सर्टिफिकेट के लिए 300-300 रुपए निर्धारित किए गए हैं। वहीं, ऑफलाइन मोड में तत्काल माइग्रेशन प्रमाण पत्र के लिए 700 रुपए शुल्क तय किया गया है। माइग्रेशन के लिए शुल्क में हुई वृद्धि दरअसल, पिछले दिनों माइग्रेशन प्रमाण पत्र के लिए शुल्क में वृद्धि की गई थी। पहले सामान्य माइग्रेशन के लिए 250 रुपए और अर्जेंट के लिए 500 रुपए शुल्क पहले लिया जाता था। पिछले दो महीने से सामान्य माइग्रेशन शुल्क 600 रुपए और अर्जेंट माइग्रेशन शुल्क 1200 रुपए लिया जा रहा था। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से यह कदम शुल्क व्यवस्था को स्पष्ट और नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे छात्रों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिल सके और प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल हो। माइग्रेशन के नाम पर लिया जा रहा अधिक शुल्क इसी को लेकर 24 मार्च को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं से अवगत कराया था। परिषद के बिहार राज्य विश्वविद्यालय कार्य प्रमुख सौरभ यादव ने आरोप लगाया कि पहले माइग्रेशन के नाम पर अधिक शुल्क लिया जा रहा था, जिससे कोशी क्षेत्र के गरीब छात्र-छात्राओं का आर्थिक शोषण हो रहा था। साथ ही समय पर प्रमाण-पत्र नहीं मिलने की समस्या भी प्रमुख रूप से उठाई गई। कुलपति प्रो. बीएस झा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को शीघ्र आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। बीएनएमयू में पिछले कुछ माह से ऑनलाइन शुल्क की व्यवस्था किए जाने से छात्रों को राहत मिली है। अब बैंक का चक्कर नहीं लगाना पड़ता है। क्योंकि चालान काउंटर पर क्यूआर कोड लगाया गया है, जिसके माध्यम से शुल्क का भुगतान किया जा रहा है। मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय ने विभिन्न प्रमाण-पत्रों के लिए नया शुल्क निर्धारण पत्र जारी कर दिया गया है। ऑनलाइन मोड में मूल प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु सामान्य कोर्स के लिए 600 रुपए, एमबीबीएस एवं पीएचडी के लिए 1000 रुपए, माइग्रेशन प्रमाण पत्र के लिए 500 रुपए लिया जाएगा। जबकि डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन स्लिप, एडमिट कार्ड एवं प्रोविजनल सर्टिफिकेट के लिए 300-300 रुपए निर्धारित किए गए हैं। वहीं, ऑफलाइन मोड में तत्काल माइग्रेशन प्रमाण पत्र के लिए 700 रुपए शुल्क तय किया गया है। माइग्रेशन के लिए शुल्क में हुई वृद्धि दरअसल, पिछले दिनों माइग्रेशन प्रमाण पत्र के लिए शुल्क में वृद्धि की गई थी। पहले सामान्य माइग्रेशन के लिए 250 रुपए और अर्जेंट के लिए 500 रुपए शुल्क पहले लिया जाता था। पिछले दो महीने से सामान्य माइग्रेशन शुल्क 600 रुपए और अर्जेंट माइग्रेशन शुल्क 1200 रुपए लिया जा रहा था। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से यह कदम शुल्क व्यवस्था को स्पष्ट और नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे छात्रों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिल सके और प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल हो। माइग्रेशन के नाम पर लिया जा रहा अधिक शुल्क इसी को लेकर 24 मार्च को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं से अवगत कराया था। परिषद के बिहार राज्य विश्वविद्यालय कार्य प्रमुख सौरभ यादव ने आरोप लगाया कि पहले माइग्रेशन के नाम पर अधिक शुल्क लिया जा रहा था, जिससे कोशी क्षेत्र के गरीब छात्र-छात्राओं का आर्थिक शोषण हो रहा था। साथ ही समय पर प्रमाण-पत्र नहीं मिलने की समस्या भी प्रमुख रूप से उठाई गई। कुलपति प्रो. बीएस झा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को शीघ्र आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। बीएनएमयू में पिछले कुछ माह से ऑनलाइन शुल्क की व्यवस्था किए जाने से छात्रों को राहत मिली है। अब बैंक का चक्कर नहीं लगाना पड़ता है। क्योंकि चालान काउंटर पर क्यूआर कोड लगाया गया है, जिसके माध्यम से शुल्क का भुगतान किया जा रहा है।


