पटना में बनेगा साइबर पुलिस का 7 मंजिला हाईटेक मुख्यालय:सर्वर रूम और डेटा सेंटर से लैस होगा नया परिसर, 51 करोड़ की मिली मंजूरी

पटना में बनेगा साइबर पुलिस का 7 मंजिला हाईटेक मुख्यालय:सर्वर रूम और डेटा सेंटर से लैस होगा नया परिसर, 51 करोड़ की मिली मंजूरी

बिहार में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पटना के मैंगल्स रोड में साइबर अपराध इकाई और विशेष शाखा के लिए एक नया, आधुनिक और हाईटेक भवन बनाया जाएगा। इस पर करीब 51 करोड़ 19 लाख रुपए खर्च होंगे। इस बात की जानकारी खुद उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने दी है। सम्राट चौधरी ने बताया कि यह नया भवन बेसमेंट, ग्राउंड और पांच मंजिल यानी कुल मिलाकर 7 मंजिला होगा। इसी एक ही परिसर में साइबर अपराध से जुड़े सारे बड़े अफसर, तकनीकी टीम और जांच से जुड़े विभाग बैठेंगे। यहां उनके लिए आधुनिक दफ्तर, जरूरी तकनीकी कमरे, मीटिंग हॉल और बाकी सारी सुविधाएं होंगी। अब एक छत के नीचे होगी पूरी साइबर पुलिस अभी तक साइबर अपराध से जुड़े कई दफ्तर अलग-अलग जगहों पर चल रहे हैं, जिससे काम में दिक्कत आती है और समय भी ज्यादा लगता है। नया भवन बनने के बाद सब कुछ एक ही जगह होगा। इससे किसी भी साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, हैकिंग या डिजिटल अपराध की जांच तेजी से और बेहतर तरीके से हो सकेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में अपराध का तरीका पूरी तरह बदल गया है। अब अपराधी मोबाइल, इंटरनेट और कंप्यूटर के जरिए लोगों को ठग रहे हैं। कभी केवाईसी के नाम पर, कभी बैंक अकाउंट खाली कर, तो कभी सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल कर लोगों को परेशान किया जा रहा है। ऐसे में पुलिस को भी उतनी ही आधुनिक और तकनीकी तौर पर मजबूत बनाना जरूरी हो गया है। हाईटेक सिस्टम से लैस होगा नया भवन नए भवन में सिर्फ दफ्तर ही नहीं होंगे, बल्कि डिजिटल जांच लैब, डेटा एनालिसिस सेंटर, सर्वर रूम और तकनीकी निगरानी कक्ष भी बनाए जाएंगे। इससे मोबाइल, लैपटॉप और दूसरे डिजिटल सबूतों की जांच यहीं हो सकेगी और बाहर भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे केस जल्दी सुलझेंगे और अपराधियों तक जल्दी पहुंचा जा सकेगा। पुलिस को मिलेगा बेहतर माहौल, आम लोगों को राहत सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ इमारत खड़ी करना नहीं है, बल्कि पुलिस को अच्छा काम करने का माहौल और आधुनिक संसाधन देना है। जब पुलिस मजबूत होगी, तभी आम लोग सुरक्षित महसूस करेंगे। इस भवन के बन जाने से साइबर अपराधों पर नियंत्रण लगाने में काफी मदद मिलेगी और आम लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। खासकर ऑनलाइन ठगी के शिकार लोगों को अब अपनी शिकायतों पर तेज और असरदार कार्रवाई देखने को मिलेगी। बिहार में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पटना के मैंगल्स रोड में साइबर अपराध इकाई और विशेष शाखा के लिए एक नया, आधुनिक और हाईटेक भवन बनाया जाएगा। इस पर करीब 51 करोड़ 19 लाख रुपए खर्च होंगे। इस बात की जानकारी खुद उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने दी है। सम्राट चौधरी ने बताया कि यह नया भवन बेसमेंट, ग्राउंड और पांच मंजिल यानी कुल मिलाकर 7 मंजिला होगा। इसी एक ही परिसर में साइबर अपराध से जुड़े सारे बड़े अफसर, तकनीकी टीम और जांच से जुड़े विभाग बैठेंगे। यहां उनके लिए आधुनिक दफ्तर, जरूरी तकनीकी कमरे, मीटिंग हॉल और बाकी सारी सुविधाएं होंगी। अब एक छत के नीचे होगी पूरी साइबर पुलिस अभी तक साइबर अपराध से जुड़े कई दफ्तर अलग-अलग जगहों पर चल रहे हैं, जिससे काम में दिक्कत आती है और समय भी ज्यादा लगता है। नया भवन बनने के बाद सब कुछ एक ही जगह होगा। इससे किसी भी साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, हैकिंग या डिजिटल अपराध की जांच तेजी से और बेहतर तरीके से हो सकेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में अपराध का तरीका पूरी तरह बदल गया है। अब अपराधी मोबाइल, इंटरनेट और कंप्यूटर के जरिए लोगों को ठग रहे हैं। कभी केवाईसी के नाम पर, कभी बैंक अकाउंट खाली कर, तो कभी सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेल कर लोगों को परेशान किया जा रहा है। ऐसे में पुलिस को भी उतनी ही आधुनिक और तकनीकी तौर पर मजबूत बनाना जरूरी हो गया है। हाईटेक सिस्टम से लैस होगा नया भवन नए भवन में सिर्फ दफ्तर ही नहीं होंगे, बल्कि डिजिटल जांच लैब, डेटा एनालिसिस सेंटर, सर्वर रूम और तकनीकी निगरानी कक्ष भी बनाए जाएंगे। इससे मोबाइल, लैपटॉप और दूसरे डिजिटल सबूतों की जांच यहीं हो सकेगी और बाहर भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे केस जल्दी सुलझेंगे और अपराधियों तक जल्दी पहुंचा जा सकेगा। पुलिस को मिलेगा बेहतर माहौल, आम लोगों को राहत सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ इमारत खड़ी करना नहीं है, बल्कि पुलिस को अच्छा काम करने का माहौल और आधुनिक संसाधन देना है। जब पुलिस मजबूत होगी, तभी आम लोग सुरक्षित महसूस करेंगे। इस भवन के बन जाने से साइबर अपराधों पर नियंत्रण लगाने में काफी मदद मिलेगी और आम लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। खासकर ऑनलाइन ठगी के शिकार लोगों को अब अपनी शिकायतों पर तेज और असरदार कार्रवाई देखने को मिलेगी।  

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