शेखपुरा में आर्ट ऑफ लिविंग परिवार द्वारा सात दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया गया है। स्थानीय माहुरी धर्मशाला में शुरू हुए इस शिविर में गुजरात से आए योग गुरु नीलेश जी लाड लोगों को योगासन, प्राणायाम और ध्यान का प्रशिक्षण दे रहे हैं। शिविर का मुख्य उद्देश्य शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। इसमें सुदर्शन क्रिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके माध्यम से लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया जा रहा है। इस शिविर में कुंदन कुमार, सुभाष बरनवाल, दीपक कुमार कौशिक, कविता कुमारी, अनिरुद्ध प्रसाद, सूरज कुमार और सत्येंद्र कुमार सहित 50 से अधिक लोग भाग ले रहे हैं। प्राणायाम से प्राण ऊर्जा का संचार होता है
योग गुरु नीलेश जी लाड ने बताया कि योग से शरीर स्वस्थ रहता है, प्राणायाम से प्राण ऊर्जा का संचार होता है, और ध्यान से मन को शांति मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि सांस के माध्यम से शरीर से 90% टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। बार-बार अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती
गुरु लाड के अनुसार, नियमित रूप से 30 मिनट योग करने से कई बीमारियों से मुक्ति मिल सकती है और बार-बार अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। शिविर में बच्चों को भी सूर्य नमस्कार और भ्रामरी प्राणायाम सिखाया जा रहा है, जिससे उनकी याददाश्त शक्ति में वृद्धि होती है। योग परीक्षक नीलेश जी लाड शेखपुरा जेल में बंद कैदियों को भी जीवन जीने की कला सिखाएंगे। शेखपुरा में आर्ट ऑफ लिविंग परिवार द्वारा सात दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया गया है। स्थानीय माहुरी धर्मशाला में शुरू हुए इस शिविर में गुजरात से आए योग गुरु नीलेश जी लाड लोगों को योगासन, प्राणायाम और ध्यान का प्रशिक्षण दे रहे हैं। शिविर का मुख्य उद्देश्य शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। इसमें सुदर्शन क्रिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके माध्यम से लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया जा रहा है। इस शिविर में कुंदन कुमार, सुभाष बरनवाल, दीपक कुमार कौशिक, कविता कुमारी, अनिरुद्ध प्रसाद, सूरज कुमार और सत्येंद्र कुमार सहित 50 से अधिक लोग भाग ले रहे हैं। प्राणायाम से प्राण ऊर्जा का संचार होता है
योग गुरु नीलेश जी लाड ने बताया कि योग से शरीर स्वस्थ रहता है, प्राणायाम से प्राण ऊर्जा का संचार होता है, और ध्यान से मन को शांति मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि सांस के माध्यम से शरीर से 90% टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। बार-बार अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती
गुरु लाड के अनुसार, नियमित रूप से 30 मिनट योग करने से कई बीमारियों से मुक्ति मिल सकती है और बार-बार अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। शिविर में बच्चों को भी सूर्य नमस्कार और भ्रामरी प्राणायाम सिखाया जा रहा है, जिससे उनकी याददाश्त शक्ति में वृद्धि होती है। योग परीक्षक नीलेश जी लाड शेखपुरा जेल में बंद कैदियों को भी जीवन जीने की कला सिखाएंगे।


