एसजीएफआई व पीएम श्री फतह राउमावि सूरजपोल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय विद्यालय हॉकी प्रतियोगिता (अंडर-19 छात्र) में राजस्थान ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। स्कूली हॉकी के 69 साल के इतिहास में इस आयु वर्ग में यह राजस्थान का पहला स्वर्ण पदक है। शनिवार सुबह 10:30 बजे खेलगांव के एस्ट्रोटर्फ मैदान पर खेले गए फाइनल में राजस्थान ने ओडिशा को 3-2 से हराया। ओडिशा को रजत और पंजाब को कांस्य पदक मिला। जीत के बाद दर्शकों ने खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षक दिग्विजय सिंह राणावत, चीफ डे मिशन डॉ. गोविंद सिंह राठौड़, मैनेजर बलवंत चौधरी और शिक्षा विभाग के अधिकारियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इससे पहले तीसरे स्थान के मुकाबले में पंजाब ने हिमाचल को 6-0 से पराजित किया। पहले क्वार्टर तक स्कोर 0-0, पेनल्टी कॉर्नर से खुला खाता फाइनल में पहले क्वार्टर तक स्कोर 0-0 रहा। दूसरे में राजस्थान ने दो पेनल्टी कॉर्नर से 2-0 की बढ़त बनाई। तीसरे में राजस्थान ने तीसरा गोल किया। इसके बाद ओडिशा को लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले, जिनमें से 5वें पर गोल हुआ। चौथे क्वार्टर में ओडिशा ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। अंत में राजस्थान ने 3-2 से जीत दर्ज की। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व ओलंपियन अशोक ध्यानचंद थे। अध्यक्षता जेडी प्रमोद कुमार सुथार ने की। विशिष्ट अतिथि डीईओ माध्यमिक डॉ. लोकेश भारती रहे। प्रधानाचार्य गजेंद्र आवोत ने मेवाड़ी परंपरा से अतिथियों का स्वागत किया। विजेता-उप विजेता को मिला 43 हजार का कैश प्राइज
विजेता राजस्थान टीम को अखिल कर्मचारी महासंघ (भा.म.स.) के अरविंद सिंह राव की ओर से 21,000 रु. और स्निग्धा भनात की ओर से 11,000 रु. नकद पुरस्कार दिया गया। उपविजेता ओडिशा टीम को क्वीना मेरी की ओर से 11,000 रु. मिले। इससे पहले फाइनल मुकाबले में ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीण, राजस्थान हॉकी संघ अध्यक्ष अरुण सारस्वत ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी।


