अररिया समाहरणालय के परमान सभागार में शुक्रवार को जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना था। इस दौरान कुल 68 परिवादियों ने अपनी शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। अधिकांश शिकायतें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित थीं। इनमें म्यूटेशन, परिमार्जन, अतिक्रमण, दखल-कब्जा, सीमांकन और रोक सूची जैसे भूमि विवाद प्रमुख रहे। इसके अतिरिक्त, शिक्षा, सेवानिवृत्ति पेंशन, विद्युत आपूर्ति, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड और स्वच्छता ग्राही चयन से जुड़े मामले भी सामने आए। कई महत्वपूर्ण शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया जिलाधिकारी विनोद दूहन ने कई महत्वपूर्ण शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया। भूमि विवादों के साथ-साथ सेवानिवृत्ति पेंशन, बिजली कनेक्शन और सामाजिक सुरक्षा पेंशन से संबंधित कई मामलों में तत्काल कार्रवाई की गई। शेष लंबित शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। कुछ प्रमुख शिकायतों में शहिदुर्रहमान द्वारा रेलवे भूमि अधिग्रहण मुआवजे की मांग, नूर मोहम्मद द्वारा अपनी जमीन पर मकान निर्माण से रोक हटाने का अनुरोध, चन्द्ररिका मंडल द्वारा रास्ता निर्माण की गुहार, सीताराम मंडल एवं अन्य द्वारा ऋण वसूली की समस्या, और पंचानन्द साह द्वारा दर्ज प्राथमिकी से नाम हटाने की मांग शामिल थी। संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की जनता दरबार के बाद जिलाधिकारी ने अंचलाधिकारी, डीसीएलआर सहित संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में भूमि विवादों के त्वरित निपटारे में तेजी लाने और अंचल स्तर पर शनिवारीय जनता दरबार में एकरूपता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, डीसीएलआर अररिया एवं फारबिसगंज, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि जनता की हर समस्या का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रशासन निरंतर प्रयासरत है ताकि लोगों को घर बैठे न्याय मिल सके। अररिया समाहरणालय के परमान सभागार में शुक्रवार को जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना था। इस दौरान कुल 68 परिवादियों ने अपनी शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। अधिकांश शिकायतें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित थीं। इनमें म्यूटेशन, परिमार्जन, अतिक्रमण, दखल-कब्जा, सीमांकन और रोक सूची जैसे भूमि विवाद प्रमुख रहे। इसके अतिरिक्त, शिक्षा, सेवानिवृत्ति पेंशन, विद्युत आपूर्ति, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड और स्वच्छता ग्राही चयन से जुड़े मामले भी सामने आए। कई महत्वपूर्ण शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया जिलाधिकारी विनोद दूहन ने कई महत्वपूर्ण शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया। भूमि विवादों के साथ-साथ सेवानिवृत्ति पेंशन, बिजली कनेक्शन और सामाजिक सुरक्षा पेंशन से संबंधित कई मामलों में तत्काल कार्रवाई की गई। शेष लंबित शिकायतों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। कुछ प्रमुख शिकायतों में शहिदुर्रहमान द्वारा रेलवे भूमि अधिग्रहण मुआवजे की मांग, नूर मोहम्मद द्वारा अपनी जमीन पर मकान निर्माण से रोक हटाने का अनुरोध, चन्द्ररिका मंडल द्वारा रास्ता निर्माण की गुहार, सीताराम मंडल एवं अन्य द्वारा ऋण वसूली की समस्या, और पंचानन्द साह द्वारा दर्ज प्राथमिकी से नाम हटाने की मांग शामिल थी। संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की जनता दरबार के बाद जिलाधिकारी ने अंचलाधिकारी, डीसीएलआर सहित संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में भूमि विवादों के त्वरित निपटारे में तेजी लाने और अंचल स्तर पर शनिवारीय जनता दरबार में एकरूपता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, डीसीएलआर अररिया एवं फारबिसगंज, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि जनता की हर समस्या का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रशासन निरंतर प्रयासरत है ताकि लोगों को घर बैठे न्याय मिल सके।


