तराना ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिद्धिपुर निपानिया में खाली हुए सरपंच का पद भरने के लिए सोमवार को उप चुनाव हुए। सुबह 7 से 3 बजे तक कुल 62 प्रतिशत ग्रामीणों ने वोट डाला। पंचायत क्षेत्र में तीन पोलिंग पर हुए मतदान में दो केंद्रों पर 50 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं ने वोट नहीं डाला। इधर, चुनाव में सबसे रोचक बात यह रही कि पंचों के अविश्वास प्रस्ताव से हटाई गई पूर्व सरपंच चंदा बाई फिर मैदान में उतर गई। चंदा बाई के सामने विरोधी पंचों ने लक्ष्मी बाई को मैदान में उतारा। उप चुनाव को लेकर ग्रामीणों में ज्यादा उत्साह देखने को नहीं मिला। कुल तीन मतदान केंद्रों में से दो पोलिंग बूथ प्रावि शंकरगढ़ में सिर्फ 41.64% तो दूसरी पोलिंग नवीन आंगनवाड़ी भवन शंकरगढ़ में 47.43% महिलाओं ने ही वोट डाला। यानी इन दोनों केंद्रों पर 50 से 60 प्रतिशत महिलाओं ने इस बार वोट ही नहीं डाला। हालांकि तीसरे केंद्र प्रावि सिद्धपुर निपानिया में महिला मतदाताओं के रिकॉर्ड मतदान 79.42% वोटिंग हुई। जो तीनों केंद्रों में पुरुषों से भी ज्यादा है। सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक हुए मतदान में कुल 1520 मतदाताओं में से 944 मतदाताओं ने वोट डाला जो 62.10 प्रतिशत रहा। यह आंकड़ा पंचायत चुनाव की तुलना काफी कम है। 10 माह पहले ही पंचों ने हटाया था सरपंच को 10 माह पहले फरवरी से ही ग्राम पंचायत सिद्धिपुर निपानिया में उठापटक चल रही थी। पंचों ने अविश्वास प्रस्ताव पारित करते हुए सरपंच चंदा बाई को हटा दिया था। चंदा बाई कोर्ट पहुंच गई। करीब 6 माह तक मामला न्यायालय में उलझा रहा। इसके बाद पूर्व सरपंच चंदा बाई ने अपनी याचिका वापस ले ली। तब जाकर पंचायत में सरपंच का पद रिक्त हुआ और उप चुनाव की रूपरेखा बनी। 2 जनवरी को परिणाम ^उप चुनाव शांतिपूर्ण हो गया है। तीन केंद्रों पर कुल 61 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई है। 2 जनवरी को जनपद पंचायत स्तर पर मतगणना के बाद परिणाम घोषित हो जाएगा। विजय परमार, सुपरवाइजर निर्वाचन


