अररिया के सदर प्रखंड अंतर्गत बेलवा पंचायत के इस्तेमाल टोला में मंगलवार को एक 6 वर्षीय बालक की पानी भरे चौर में डूबने से मौत हो गई। बालक की पहचान रईस के पुत्र दिलदार के रूप में हुई है, जो इसी टोले का निवासी था। यह घटना कोसी वायरलेस के निकट वार्ड संख्या 4 में हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, दिलदार चौर के पास खेल रहा था। पैर फिसल से गहरे पानी में जा गिरा बच्चा खेलते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत बच्चे को पानी से बाहर निकालने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने किसी तरह बच्चे को पानी से निकालकर आनन-फानन में मंगलवार शाम करीब 4 बजे सदर अस्पताल, अररिया पहुंचाया। ग्रामीणों की चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने प्राथमिक जांच के बाद दिलदार को मृत घोषित कर दिया।इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने पानी से भरे गड्ढों और चौरों को बच्चों के लिए खतरनाक बताया। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे स्थान बच्चों के लिए जोखिम भरे हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इन्हें ठीक करने या चेतावनी बोर्ड लगाने की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे खतरनाक स्थानों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में खुले गड्ढों, तालाबों और चौरों को भरने या घेरबंदी करने पर जोर दिया, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अररिया के सदर प्रखंड अंतर्गत बेलवा पंचायत के इस्तेमाल टोला में मंगलवार को एक 6 वर्षीय बालक की पानी भरे चौर में डूबने से मौत हो गई। बालक की पहचान रईस के पुत्र दिलदार के रूप में हुई है, जो इसी टोले का निवासी था। यह घटना कोसी वायरलेस के निकट वार्ड संख्या 4 में हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, दिलदार चौर के पास खेल रहा था। पैर फिसल से गहरे पानी में जा गिरा बच्चा खेलते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत बच्चे को पानी से बाहर निकालने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने किसी तरह बच्चे को पानी से निकालकर आनन-फानन में मंगलवार शाम करीब 4 बजे सदर अस्पताल, अररिया पहुंचाया। ग्रामीणों की चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने प्राथमिक जांच के बाद दिलदार को मृत घोषित कर दिया।इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने पानी से भरे गड्ढों और चौरों को बच्चों के लिए खतरनाक बताया। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे स्थान बच्चों के लिए जोखिम भरे हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इन्हें ठीक करने या चेतावनी बोर्ड लगाने की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे खतरनाक स्थानों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में खुले गड्ढों, तालाबों और चौरों को भरने या घेरबंदी करने पर जोर दिया, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


