खंडवा में बसंत पंचमी पर श्री तिरोले कुनबी समाज ने जिले में दो स्थानों पर सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया। इस दौरान हरसूद में 6 जोड़े और बोरगांव खुर्द में 8 जोड़े विधि-विधान के साथ विवाह बंधन में बंधे। हरसूद-छनेरा में सामूहिक विवाह कार्यक्रम छात्रावास परिसर में आयोजित हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच सभी नवदंपतियों का विवाह संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उमाशंकर पटेल ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। ओंकारेश्वर धर्मशाला के पूर्व अध्यक्ष उमाशंकर पटेल, कृपाशंकर पटेल, रामदीन गौर सहित समाजजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रत्येक जोड़े को पौधा भेंट किया गया। उन्होंने कहा कि विवाह जैसे पवित्र संस्कार के साथ पौधारोपण करना समाज के लिए प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने विवाह समारोहों में बढ़ती डीजे संस्कृति पर चिंता जताते हुए कहा कि तेज आवाज से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है और सामाजिक व धार्मिक मर्यादाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने समाज से अपील की कि विवाह जैसे मांगलिक अवसरों पर सादगी और मर्यादा बनाए रखते हुए डीजे पर प्रतिबंध लगाया जाए। बोरगांव खुर्द में 8 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे इधर, बोरगांव खुर्द में भी श्री तिरोले कुनबी समाज ने सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजित किया, जिसमें 8 जोड़े वैवाहिक जीवन में प्रवेश कर गए। यहां गायत्री परिवार बड़ूद की टोली द्वारा विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया गया तथा नवदंपतियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। समाज के लोगों ने ही व्यवस्थाएं संभालीं और आयोजन को सफल बनाया। समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि सामूहिक विवाह सम्मेलन का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग प्रदान करना और फिजूलखर्ची पर रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि समाज भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं प्रेरणादायी आयोजनों को निरंतर करता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में सभी नवविवाहित जोड़ों को समाज की ओर से उपहार भेंट किए गए और उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की गई। इस अवसर पर सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक कंचन तनवे सहित समिति सदस्य अशोक पटेल, दिनेश पटेल, राजेश पटेल, किशोर पटेल, राजेश पंवार, शांतिलाल पटेल सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।


