अररिया जिले में आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में उद्योग विभाग ने एक विशेष ऋण वितरण शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में केंद्र सरकार की प्रमुख स्वरोजगार योजनाओं के तहत कुल 6 लाभुकों को ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत चयनित लाभुकों को उनके प्रस्तावित उद्योगों के लिए बैंक ऋण स्वीकृत किए। ये ऋण खाद्य प्रसंस्करण, विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और अन्य स्वरोजगारपरक गतिविधियों जैसे विभिन्न छोटे एवं मध्यम उद्योगों के लिए स्वीकृत किए गए हैं। उद्यमियों को सशक्त बनाना उद्देश्य शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं और उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। इसका लक्ष्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करना और स्वरोजगार की संस्कृति को मजबूत करना भी है। इस पहल से लाभुकों को अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिलेगा और स्थानीय स्तर पर अन्य युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध होगा। लाभुकों को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने कहा कि राज्य व केंद्र सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ की संकल्पना को साकार करने में ये योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का एक मजबूत माध्यम हैं। उन्होंने लाभुकों से अपील की कि वे ऋण राशि का सदुपयोग करें, निर्धारित समयसीमा में अपना उद्योग स्थापित करें और जहां संभव हो, स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान करें। उद्योग विभाग के पदाधिकारियों को दिया निर्देश जिला पदाधिकारी ने बैंक अधिकारियों और उद्योग विभाग के पदाधिकारियों को भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से, पूरी पारदर्शिता और पारस्परिक समन्वय के साथ किया जाए ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभुक समय पर लाभ उठा सकें। अररिया जिले में आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में उद्योग विभाग ने एक विशेष ऋण वितरण शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में केंद्र सरकार की प्रमुख स्वरोजगार योजनाओं के तहत कुल 6 लाभुकों को ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत चयनित लाभुकों को उनके प्रस्तावित उद्योगों के लिए बैंक ऋण स्वीकृत किए। ये ऋण खाद्य प्रसंस्करण, विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और अन्य स्वरोजगारपरक गतिविधियों जैसे विभिन्न छोटे एवं मध्यम उद्योगों के लिए स्वीकृत किए गए हैं। उद्यमियों को सशक्त बनाना उद्देश्य शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं और उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। इसका लक्ष्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करना और स्वरोजगार की संस्कृति को मजबूत करना भी है। इस पहल से लाभुकों को अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिलेगा और स्थानीय स्तर पर अन्य युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध होगा। लाभुकों को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने कहा कि राज्य व केंद्र सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ की संकल्पना को साकार करने में ये योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का एक मजबूत माध्यम हैं। उन्होंने लाभुकों से अपील की कि वे ऋण राशि का सदुपयोग करें, निर्धारित समयसीमा में अपना उद्योग स्थापित करें और जहां संभव हो, स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान करें। उद्योग विभाग के पदाधिकारियों को दिया निर्देश जिला पदाधिकारी ने बैंक अधिकारियों और उद्योग विभाग के पदाधिकारियों को भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से, पूरी पारदर्शिता और पारस्परिक समन्वय के साथ किया जाए ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभुक समय पर लाभ उठा सकें।


