औरंगाबाद में 550KG गांजा जब्त:हाइवा में छिपा कर ले जा रहे थे खेप, तस्कर अरेस्ट, मद्य निषेध इकाई को मिली थी खुफिया इनपुट

औरंगाबाद में 550KG गांजा जब्त:हाइवा में छिपा कर ले जा रहे थे खेप, तस्कर अरेस्ट, मद्य निषेध इकाई को मिली थी खुफिया इनपुट

औरंगाबाद में अंबा थाना की पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में गांजा की खेप ले जा रहे एक हाइवा को जब्त किया है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई थाना क्षेत्र के हरदता गांव पास एनएच 139 से की है। पुलिस ने हाइवा में छिपा कर रखे गए लगभग 550 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। हाइवा ड्राइवर रोहतास के बिक्रमगंज निवासी अब्दुल खान को गिरफ्तार किया गया है। थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि मद्य निषेध इकाई पटना की टीम को खुफिया इनपुट मिली थी कि गांजा तस्कर उड़ीसा से गांजा की बड़ी खेप लेकर बिहार में प्रवेश करने वाले हैं। सूचना के आधार पर मद्य निषेध इकाई की टीम अंबा पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई में जुट गई। सटीक सूचना के आधार पर झारखंड की ओर से आ रहे हाइवा को रुकवा कर तलाशी ली गई। पहले तो पुलिस को कुछ भी पता नहीं चल सका। लेकिन जब गहनता पूर्वक छानबीन की गई तो हाइवा के निचले हिस्से में तहखाना बनाया गया था। जिसमें गांजा का पैकेट छिपा कर रखा गया था। उड़ीसा से सासाराम ले जाया जा रहा था गांजा पुलिसकर्मियों ने जब हाईवा का हाइड्रोलिक उठवा कर तलाशी लिया तो तहखाना का पता चला। गांजा बरामद होने के बाद हाइवा को जब्त करते हुए चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए चालक ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह उड़ीसा से गांजा की खेप लेकर सासाराम जा रहा था। जहां उसे डिलीवरी देना था। लेकिन इसके पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। गांजा तस्करों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस थाना अध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि पकड़े गए हाईवे के रजिस्ट्रेशन नंबर और चालक के पास से जब्त मोबाइल के आधार पर पुलिस गांजा तस्करों का नेटवर्क खंगालने में जुटी है। जल्द ही नशे के कारोबार से जुड़े लोगों का पता लगाया जाएगा। बता दें कि पहले भी अंबा पुलिस की ओर से एनएच 139 से गांजा की बड़ी खेप पकड़ी गई है। बिहार में शराबबंदी के बाद बढ़ा है गांजा का प्रचलन बताते चलें कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद गांजा समेत अन्य सुखे नशे का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले नशेड़ी गांजा को शराब के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने लगे हैं। डिमांड बढ़ने के साथ ही कारोबारी भी सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों की माने तो बाजार कस्बे से लेकर गांव तक गांजा कारोबारी की पैठ है। बिहार झारखंड बॉर्डर से सटे झारखंड के पलामू जिला का हरिहरगंज बाजार गांजा व शराब तस्करी का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। स्थानीय कारोबारी हरिहरगंज बाजार से ही गांजा और शराब लाकर बिहार में बिक्री का काम करते हैं। औरंगाबाद में अंबा थाना की पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में गांजा की खेप ले जा रहे एक हाइवा को जब्त किया है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई थाना क्षेत्र के हरदता गांव पास एनएच 139 से की है। पुलिस ने हाइवा में छिपा कर रखे गए लगभग 550 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। हाइवा ड्राइवर रोहतास के बिक्रमगंज निवासी अब्दुल खान को गिरफ्तार किया गया है। थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि मद्य निषेध इकाई पटना की टीम को खुफिया इनपुट मिली थी कि गांजा तस्कर उड़ीसा से गांजा की बड़ी खेप लेकर बिहार में प्रवेश करने वाले हैं। सूचना के आधार पर मद्य निषेध इकाई की टीम अंबा पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई में जुट गई। सटीक सूचना के आधार पर झारखंड की ओर से आ रहे हाइवा को रुकवा कर तलाशी ली गई। पहले तो पुलिस को कुछ भी पता नहीं चल सका। लेकिन जब गहनता पूर्वक छानबीन की गई तो हाइवा के निचले हिस्से में तहखाना बनाया गया था। जिसमें गांजा का पैकेट छिपा कर रखा गया था। उड़ीसा से सासाराम ले जाया जा रहा था गांजा पुलिसकर्मियों ने जब हाईवा का हाइड्रोलिक उठवा कर तलाशी लिया तो तहखाना का पता चला। गांजा बरामद होने के बाद हाइवा को जब्त करते हुए चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए चालक ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह उड़ीसा से गांजा की खेप लेकर सासाराम जा रहा था। जहां उसे डिलीवरी देना था। लेकिन इसके पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। गांजा तस्करों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस थाना अध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि पकड़े गए हाईवे के रजिस्ट्रेशन नंबर और चालक के पास से जब्त मोबाइल के आधार पर पुलिस गांजा तस्करों का नेटवर्क खंगालने में जुटी है। जल्द ही नशे के कारोबार से जुड़े लोगों का पता लगाया जाएगा। बता दें कि पहले भी अंबा पुलिस की ओर से एनएच 139 से गांजा की बड़ी खेप पकड़ी गई है। बिहार में शराबबंदी के बाद बढ़ा है गांजा का प्रचलन बताते चलें कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद गांजा समेत अन्य सुखे नशे का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले नशेड़ी गांजा को शराब के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने लगे हैं। डिमांड बढ़ने के साथ ही कारोबारी भी सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों की माने तो बाजार कस्बे से लेकर गांव तक गांजा कारोबारी की पैठ है। बिहार झारखंड बॉर्डर से सटे झारखंड के पलामू जिला का हरिहरगंज बाजार गांजा व शराब तस्करी का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। स्थानीय कारोबारी हरिहरगंज बाजार से ही गांजा और शराब लाकर बिहार में बिक्री का काम करते हैं।  

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