जौनपुर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 54265 मामलों का निस्तारण किया गया और 19,16,29,258 रुपये की समझौता राशि तय हुई। जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लंबित 6325 मामले और राजस्व न्यायालयों तथा प्रशासन के अन्य विभागों में प्री-लिटिगेशन स्तर के कुल 47940 मामलों का निस्तारण किया गया। पारिवारिक न्यायालयों द्वारा 101 मुकदमों का निस्तारण किया गया, जिसमें पक्षकारों को 1,27,21,103 रुपये की समझौता राशि प्रदान की गई। पीठासीन अधिकारी एम०ए०सी०टी० द्वारा क्षतिपूर्ति के 87 मुकदमे लगाए गए, जिनमें से 61 मामलों का निस्तारण करते हुए याचियों को कुल 5,37,75,000 रुपये की धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाई गई। न्यायालय अपर जिला जज पंचम जौनपुर द्वारा विद्युत वसूली के 323 वादों का निस्तारण किया गया। विभिन्न न्यायालयों द्वारा 4201 शमनीय फौजदारी वादों का भी निस्तारण किया गया, जिनमें 6,29,770 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। इसके अतिरिक्त, एन० आई० एक्ट के 6 मामलों और अन्य प्रकार के 1562 मामलों का निस्तारण किया गया, जिनमें 38,235 रुपये की समझौता राशि दिलाई गई। सिविल न्यायालयों द्वारा कुल 78 मामलों का निस्तारण किया गया, जिसमें उत्तराधिकार के मामलों में 16,46,453 रुपये का प्रमाण पत्र निर्गत किया गया। प्री-लिटिगेशन स्तर पर वैवाहिक विवाद के 7 मामलों का भी निस्तारण किया गया। राजस्व न्यायालयों में फौजदारी के 1809 वादों, राजस्व के 607 वाद, अन्य प्रकार के 44074 वाद और नगर पालिका द्वारा जलकर से संबंधित 33 वादों का निस्तारण किया गया। बैंक/फाइनेंस कंपनी एवं बी०एस०एन०एल० आदि से संबंधित रिकवरी के 5 प्री-लिटिगेशन वाद भी निस्तारित किए गए, जिनमें 19841 रुपये का समझौता हुआ।


