बख्तियारपुर-कल्याणबीघा मार्ग पर 27 मार्च की रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के कारण एक भेड़ पालक की लगभग 50 भेड़ों की मौत हो गई। इस घटना से पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। नालंदा जिले के नगरनौसा थाना क्षेत्र के खजुरा गांव निवासी भेड़ पालक बाल किसुन पाल ने बताया कि वे अपने साथियों के साथ करीब 900 भेड़ों का पालन करते हैं। पिछले एक सप्ताह से वे बख्तियारपुर-कल्याणबीघा रोड पर धोबा पुल के उत्तर सड़क किनारे भेड़ों को चराते और ठहराते थे। 27 मार्च की रात अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। भेड़ें डरकर इधर-उधर भागने लगीं। मौसम शांत होने के बाद जब भेड़ों को इकट्ठा किया गया, तो पुल के नीचे लगभग 50 भेड़ें मृत पाई गईं। घटना की जानकारी अगली सुबह बख्तियारपुर थाना और प्रखंड प्रशासन को दी गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी उज्ज्वल कांत ने बताया कि पशु चिकित्सा विभाग की एक टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। बख्तियारपुर थाना पुलिस ने भी घटनास्थल का जायजा लिया है। पीड़ित भेड़ पालक ने थाने में लिखित आवेदन देकर सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है। उन्होंने बताया कि पशुपालन ही उनके परिवार के जीविकोपार्जन का मुख्य साधन है और 50 भेड़ों का नुकसान उनके लिए एक बड़ा झटका है। ग्रामीणों ने भी इस प्राकृतिक आपदा पर संवेदना व्यक्त करते हुए मुआवजे की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारी जांच रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बख्तियारपुर-कल्याणबीघा मार्ग पर 27 मार्च की रात आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के कारण एक भेड़ पालक की लगभग 50 भेड़ों की मौत हो गई। इस घटना से पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। नालंदा जिले के नगरनौसा थाना क्षेत्र के खजुरा गांव निवासी भेड़ पालक बाल किसुन पाल ने बताया कि वे अपने साथियों के साथ करीब 900 भेड़ों का पालन करते हैं। पिछले एक सप्ताह से वे बख्तियारपुर-कल्याणबीघा रोड पर धोबा पुल के उत्तर सड़क किनारे भेड़ों को चराते और ठहराते थे। 27 मार्च की रात अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। भेड़ें डरकर इधर-उधर भागने लगीं। मौसम शांत होने के बाद जब भेड़ों को इकट्ठा किया गया, तो पुल के नीचे लगभग 50 भेड़ें मृत पाई गईं। घटना की जानकारी अगली सुबह बख्तियारपुर थाना और प्रखंड प्रशासन को दी गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी उज्ज्वल कांत ने बताया कि पशु चिकित्सा विभाग की एक टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। बख्तियारपुर थाना पुलिस ने भी घटनास्थल का जायजा लिया है। पीड़ित भेड़ पालक ने थाने में लिखित आवेदन देकर सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है। उन्होंने बताया कि पशुपालन ही उनके परिवार के जीविकोपार्जन का मुख्य साधन है और 50 भेड़ों का नुकसान उनके लिए एक बड़ा झटका है। ग्रामीणों ने भी इस प्राकृतिक आपदा पर संवेदना व्यक्त करते हुए मुआवजे की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारी जांच रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


