जहानाबाद में राष्ट्रीय ब्रह्मर्षि सामाजिक फाउंडेशन ने एक सदस्यता अभियान चलाया, जिसमें लगभग 50 लोग संगठन से जुड़े। इस अवसर पर समाज को एकजुट करने और संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बिहार के वर्तमान चुनावी और राजनीतिक माहौल पर प्रकाश डाला, जो जातीय समीकरणों पर आधारित है। उन्होंने जोर दिया कि जब हर समाज अपनी भागीदारी और पहचान के लिए संगठित हो रहा है, तो ब्रह्मर्षि समाज को भी पीछे नहीं रहना चाहिए। ब्रह्मर्षि समाज ने हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई बताया गया कि ब्रह्मर्षि समाज ने हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई है। यदि समाज की संख्या बहुमत में है, तो उसे संगठित कर एक सशक्त संगठन का निर्माण आवश्यक है। राष्ट्रीय ब्रह्मर्षि सामाजिक फाउंडेशन का गठन कुछ महीने पहले ही किया गया था, और यह सदस्यता अभियान केवल जहानाबाद तक सीमित न होकर पूरे बिहार में चलाया जा रहा है। संयोजक अनूप कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि अब ब्रह्मर्षि समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर गांव-गांव, शहर-शहर और गली-मोहल्लों तक समाज को जागरूक करने और जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह संगठन समाज के लिए एक नया मार्गदर्शन बनेगा। 11 तारीख को जहानाबाद के एक रेस्टोरेंट में एक भव्य कार्यक्रम अनूप कुमार ने यह भी जानकारी दी कि आगामी 11 तारीख को जहानाबाद के एक रेस्टोरेंट में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें पूरे बिहार से समाज के लोग शामिल होंगे, और इस दौरान सदस्यता अभियान के साथ-साथ मिलन समारोह भी आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि ब्रह्मर्षि समाज हमेशा से राजनीति में सक्रिय रहा है और विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है, जिससे उन दलों को लाभ भी मिला है। उन्होंने जोर दिया कि अब समय आ गया है कि समाज अपनी भागीदारी को बराबरी के स्तर पर सुनिश्चित करे। चुनावों में जाति के आधार पर वोटों के समीकरण खुलकर आते हैं सामने प्रवीण शर्मा ने आगे कहा कि चुनावों में जाति के आधार पर वोटों के समीकरण खुलकर सामने आते हैं, इसलिए इस बार समाज संगठित होकर एक नया मोड़ देने का काम करेगा। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रवीण शर्मा (राष्ट्रीय अध्यक्ष) सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे। जहानाबाद में राष्ट्रीय ब्रह्मर्षि सामाजिक फाउंडेशन ने एक सदस्यता अभियान चलाया, जिसमें लगभग 50 लोग संगठन से जुड़े। इस अवसर पर समाज को एकजुट करने और संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बिहार के वर्तमान चुनावी और राजनीतिक माहौल पर प्रकाश डाला, जो जातीय समीकरणों पर आधारित है। उन्होंने जोर दिया कि जब हर समाज अपनी भागीदारी और पहचान के लिए संगठित हो रहा है, तो ब्रह्मर्षि समाज को भी पीछे नहीं रहना चाहिए। ब्रह्मर्षि समाज ने हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई बताया गया कि ब्रह्मर्षि समाज ने हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई है। यदि समाज की संख्या बहुमत में है, तो उसे संगठित कर एक सशक्त संगठन का निर्माण आवश्यक है। राष्ट्रीय ब्रह्मर्षि सामाजिक फाउंडेशन का गठन कुछ महीने पहले ही किया गया था, और यह सदस्यता अभियान केवल जहानाबाद तक सीमित न होकर पूरे बिहार में चलाया जा रहा है। संयोजक अनूप कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि अब ब्रह्मर्षि समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर गांव-गांव, शहर-शहर और गली-मोहल्लों तक समाज को जागरूक करने और जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह संगठन समाज के लिए एक नया मार्गदर्शन बनेगा। 11 तारीख को जहानाबाद के एक रेस्टोरेंट में एक भव्य कार्यक्रम अनूप कुमार ने यह भी जानकारी दी कि आगामी 11 तारीख को जहानाबाद के एक रेस्टोरेंट में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें पूरे बिहार से समाज के लोग शामिल होंगे, और इस दौरान सदस्यता अभियान के साथ-साथ मिलन समारोह भी आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि ब्रह्मर्षि समाज हमेशा से राजनीति में सक्रिय रहा है और विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है, जिससे उन दलों को लाभ भी मिला है। उन्होंने जोर दिया कि अब समय आ गया है कि समाज अपनी भागीदारी को बराबरी के स्तर पर सुनिश्चित करे। चुनावों में जाति के आधार पर वोटों के समीकरण खुलकर आते हैं सामने प्रवीण शर्मा ने आगे कहा कि चुनावों में जाति के आधार पर वोटों के समीकरण खुलकर सामने आते हैं, इसलिए इस बार समाज संगठित होकर एक नया मोड़ देने का काम करेगा। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रवीण शर्मा (राष्ट्रीय अध्यक्ष) सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।


