मसालों में छिपाए थे 50 लाख, नौकर डेली चुराते रहे:बदले लाइफस्टाइल से हुआ शक, रिटायर्ड डॉक्टर ने पोती की पढ़ाई के लिए किए थे जमा

मसालों में छिपाए थे 50 लाख, नौकर डेली चुराते रहे:बदले लाइफस्टाइल से हुआ शक, रिटायर्ड डॉक्टर ने पोती की पढ़ाई के लिए किए थे जमा

जयपुर में एक रिटायर्ड डॉक्टर के घर से 50 लाख चुराने वाला उनका नौकर ही निकला। ग्रेजुएट नौकर पिछले 10 साल से वहां काम कर रहा था। परिवार को इतना भरोसा था कि घर के सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस भी नौकर के पास रहता था। डॉक्टर ने अपनी पोती की पढ़ाई के लिए ये पैसे रसोई के अंदर मसालों के डिब्बे में छिपाए थे। नौकर ने अपने मोबाइल में सीसीटीवी एक्सेस से ये पैसा छिपाते हुए उन्हें देख लिया था। इसके बाद उसने रसोई में खाना पकाने वाली नौकरानी को प्लान में शामिल कर इस वारदात को बड़ी चालाकी से अंजाम दिया। मालिक को शक नहीं हो इसलिए डेली लाख-लाख रुपए चुराता था। 20-22 दिन तक यह सिलसिला चला था। इस बीच पालतू डॉग की संदिग्ध मौत से परिवार को कुछ अनहोनी की आशंका हुई। जब किचन में जाकर डिब्बे को देखा तो सारा पैसा गायब था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. चोरी के पैसों से बदला लाइफस्टाइल, इसी से पकड़े गए
डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि 26 मार्च को डॉक्टर प्रभाकर सेठी (78) निवासी रिंग रोड परियोजना खेड़ी गोकुलपुरा ने जयपुर के सांगानेर सदर थाने में एक रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि 22 फरवरी 2026 को सुबह 8 बजे मैंने अपनी पोती की ट्यूशन फीस 50 लाख रुपए घर के किचन में सुरक्षित स्थान पर छिपा कर रखे थे। 24 फरवरी को घर पर किसी ने खिड़की के शीशे तोड़े, जिससे लगा की किसी ने चोरी और डकैती का प्रयास किया है। 19 मार्च की रात हमारे पालतू कुत्ते की अचानक मौत हो गई। इसके बाद हमने किचन में छिपा कर रखे कैश चेक किए। पूरे के पूरे 50 लाख रुपए गायब थे। सांगानेर सदर थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने घर के लोगों और नौकरों से पूछताछ की। पूछताछ में नौकर सुमित खेतान और सीमा सैनी से भी कोई बड़ी जानकारी हाथ नहीं लगी। पुलिस के पास इन दोनों के अलावा अन्य व्यक्ति पर शक करने का कारण भी सामने नहीं आ रहा था। एडिशनल डीसीपी साउथ ललित शर्मा ने दोनों नौकरों के घरों पर नजर रखने के लिए टीम लगा दी। इस बीच कॉन्स्टेबल रामावतार को जानकारी मिली कि नौकर सुमित पिछले कुछ दिनों से खूब पैसे खर्च कर रहा है, जैसे- पार्टी, महंगे कपड़े, मॉल में शॉपिंग और बड़े होटलों में खाना-पीना चल रहा है। अब पुलिस के शक की सुई नौकर सुमित पर थी। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने पूरी वारदात कबूल कर ली। फिर जो बताया वो हैरान करने वाला था। डॉक्टर को किचन में पैसा रखते देख लिया था नौकर ने
सुमित (नौकर) ने बताया कि 22 फरवरी की सुबह 8 बजे जब डॉ. प्रभाकर सेठी चुपचाप किचन में रखे मसालों के डिब्बों में पैसा डाल रहे थे। यह सब मैंने देख लिया। घर के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों का एक एक्सेस नौकर सुमित के पास भी था। इतने पैसों को देख सुमित का लालच बढ़ गया। उसने 22 फरवरी की रात को ही डिब्बे चेक कर पैसा होने की पुष्टि कर ली थी। अब उसने पैसों को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। सबसे पहले किचन की ओर लगे सीसीटीवी कैमरे का वायर हटाया। किचन का काम नौकरानी सीमा सैनी संभालती थी। इसलिए उसने सीमा को भी पार्टनर बनाकर अपने प्लान में शामिल कर लिया। प्लान था कि सारा पैसा एक साथ नहीं निकालेंगे। ऐसे में दोनों मिलकर किचन में रखे पैसों की चोरी करने लगे। नौकर सुमित ने नाबालिग बेटे को भी शामिल किया प्लान में
सुमित को लगने लगा कि अगर ऐसे पैसा निकाला तो मालिक का शक उसी पर जाएगा। इसलिए उसने घर में लूट का माहौल बनाने के लिए किचन की खिड़की तोड़ने के लिए अपने नाबालिग बेटे को जिम्मेदारी दी। 24 फरवरी की रात उसका बेटा एक अन्य सहयोगी के साथ घर के बाहर पहुंचा। उसने पत्थर से किचन की खिड़की का कांच तोड़ दिया। अगली सुबह सुमित अपनी ड्यूटी पर घर गया तो लूट का माहौल बनाया। मालिक को लगा कि किसी ने पत्थर फेंककर कांच तोड़ दिया है, इसलिए घटना को गंभीरता से नहीं लिया। CCTV सर्विस से पता किया कैसे बंद होते हैं कैमरे
25 फरवरी की सुबह मालिक ने सीसीटीवी कैमरे की सर्विस के लिए टेक्नीशियन को घर पर बुलाया। घर में कुल 4 सीसीटीवी कैमरे लगे थे। सीसीटीवी का एक्सेस होने के कारण नौकर सुमित ने टेक्नीशियन से रख-रखाव की पूरी जानकारी जुटा ली। कैसे कैमरे बंद होते हैं, रिकॉर्डिंग कैसे बंद होती है। इसके बाद आरोपी नौकर ने कुछ दिनों बाद किचन में लगे सीसीटीवी का वायर हटा दिया। धीरे-धीरे कर पार किए 50 लाख रुपए
इस बीच आरोपी सुमित और सीमा मसालों के डिब्बों में रखा पैसा निकालते रहे। सुमित डेली जितना भी पैसा निकलता, उसे अपने घर के अंदर एक बक्से में छिपा दिया करता था। कुछ हिस्सा सीमा को देता था। कुछ पैसों से उसने घर की चीजें खरीदी। दोनों मिलकर आराम से पैसा चुराकर ऐश कर रहे थे। ऐसा लगने लगा था कि वो कभी पकड़े नहीं जाएंगे और न ही ये पता चल पाएगा कि पैसा कहां गया। दोनों ने कुछ दिन बाद नौकरी छोड़ने और खुद का बिजनेस करने का प्लान भी बना लिया था। पालतू कुत्ते की मौत से हुआ शक
इस बीच डॉ. प्रभाकर सेठी के पालतू कुत्ते सेंट बरनार्ड की 19 मार्च को घर के पोर्च में संदिग्ध परिस्तिथयों में मौत हो गई। डॉग केवल 4 माह का था और बिल्कुल स्वस्थ था। डॉक्टर को घर में कुछ अनहोनी की आशंका हुई। इस बीच जब उन्होंने किचन में जाकर मसाले के डिब्बे को चेक किया तो पूरा पैसा गायब था। कई दिन तक अपने स्तर पर पड़ताल की, लेकिन सच सामने नहीं आया। 26 मार्च को सांगानेर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। इसके बाद यह राज खुला। 10 साल से कर रहा था नौकरी
आरोपी सुमित बीए पास है और डॉक्टर के घर में पिछले 10 साल से काम कर रहा था। इसलिए उस पर भरोसा भी कायम था। उसे यहां 30 हजार रुपए महीने के मिलते थे। इस सैलरी में कार चलाने से लेकर घर के काम करना शामिल था। पुलिस को आरोपी का पुराना कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। सुमित खेतान को 29 मार्च को हिरासत में लिया गया। उसे कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया। घर के अंदर बॉक्स में रखे 33 लाख रुपए रिकवर कर लिए गए हैं। 17 लाख रुपए रिकवर करना बाकी है। मसालों के डिब्बे में पैसा सेफ समझते थे डॉक्टर
डीसीपी राजर्षि राज ने बताया कि डॉक्टर ने करीब एक माह पहले किचन में यह पैसा रखा था। इन लोगों ने कहीं सुना था कि पैसा किचन में रखने से सेफ रहता है। दोनों नौकरों ने सोची समझी साजिश रच कर पैसे चोरी किए। आरोपी ने इस काम में अपने बेटे को भी साथ लिया जो मकान की दीवार फांद कर अंदर आया था।

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