शराब तस्करी मामले में 2 दोषियों को 5-5 साल सजा:1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगा, नहीं दिए तो 3 महीने अधिक जेल में रहना होगा

शराब तस्करी मामले में 2 दोषियों को 5-5 साल सजा:1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगा, नहीं दिए तो 3 महीने अधिक जेल में रहना होगा

भागलपुर में उत्पाद-एक के विशेष न्यायाधीश सौरभ कुमार वर्मा की अदालत ने शनिवार को शराब तस्करी के 2 दोषियों को 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा न करने पर उन्हें तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला लगभग 10 साल पुराना है, जो बरारी थाना में कांड संख्या-589/16 और विशेष वाद संख्या-3685/16 के तहत दर्ज किया गया था। यह घटना बरारी थाना क्षेत्र के खान पट्टी इलाके से संबंधित है। उत्पाद-एक के अपर विशेष लोक अभियोजक ईश्वरचंद्र झा ने बताया कि 30 अक्टूबर 2016 को दोपहर करीब डेढ़ बजे तत्कालीन बरारी थानाध्यक्ष प्रमोद साह को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, खान पट्टी निवासी मो. रफी खान और बेचू खान अवैध रूप से शराब का धंधा करते थे। वे झारखंड से विदेशी शराब लाकर अपने घर से बेचते थे। सूचना के सत्यापन के बाद थानाध्यक्ष प्रमोद साह ने वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए औद्योगिक थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार और गंगा ब्रिज टीओपी के पदाधिकारी जयप्रकाश यादव को सशस्त्र बलों के साथ लेकर छापेमारी की गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों के घर की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही दोनों अभियुक्त भागने लगे, लेकिन सशस्त्र बलों ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। घर से शराब बरामद हुई थी तलाशी के दौरान, अभियुक्तों के घर से एक लाल बैग से रॉयल स्टैग ब्रांड की 375 एमएल की 24 बोतल विदेशी शराब बरामद हुई। इसके अतिरिक्त, एक कत्थई रंग के बैग से खिड़की के बाहर फेंकी गई 5 बोतल शराब भी जब्त की गई। इस प्रकार, कुल 29 बोतल विदेशी शराब के साथ दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में जब्ती सूची तैयार की गई और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अभियुक्तों को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया अभियोजन पक्ष ने बताया कि सभी गवाहों ने अदालत में घटना का समर्थन किया। कोर्ट ने अभियुक्तों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया, लेकिन वे अपने बचाव में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद 30 जनवरी को कोर्ट ने दोनों को बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(ए) के तहत दोषी करार दिया और सजा की तिथि 7 फरवरी निर्धारित की गई। शनिवार को दोनों अभियुक्तों को पांच-पांच वर्ष सश्रम कारावास और एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा दी। इस दौरान सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक वासुदेव प्रसाद साह भी मौजूद रहे, जिन्होंने कोर्ट के समक्ष साक्ष्यों को बिंदुवार तरीके से प्रस्तुत किया। भागलपुर में उत्पाद-एक के विशेष न्यायाधीश सौरभ कुमार वर्मा की अदालत ने शनिवार को शराब तस्करी के 2 दोषियों को 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा न करने पर उन्हें तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला लगभग 10 साल पुराना है, जो बरारी थाना में कांड संख्या-589/16 और विशेष वाद संख्या-3685/16 के तहत दर्ज किया गया था। यह घटना बरारी थाना क्षेत्र के खान पट्टी इलाके से संबंधित है। उत्पाद-एक के अपर विशेष लोक अभियोजक ईश्वरचंद्र झा ने बताया कि 30 अक्टूबर 2016 को दोपहर करीब डेढ़ बजे तत्कालीन बरारी थानाध्यक्ष प्रमोद साह को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, खान पट्टी निवासी मो. रफी खान और बेचू खान अवैध रूप से शराब का धंधा करते थे। वे झारखंड से विदेशी शराब लाकर अपने घर से बेचते थे। सूचना के सत्यापन के बाद थानाध्यक्ष प्रमोद साह ने वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए औद्योगिक थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार और गंगा ब्रिज टीओपी के पदाधिकारी जयप्रकाश यादव को सशस्त्र बलों के साथ लेकर छापेमारी की गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों के घर की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही दोनों अभियुक्त भागने लगे, लेकिन सशस्त्र बलों ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। घर से शराब बरामद हुई थी तलाशी के दौरान, अभियुक्तों के घर से एक लाल बैग से रॉयल स्टैग ब्रांड की 375 एमएल की 24 बोतल विदेशी शराब बरामद हुई। इसके अतिरिक्त, एक कत्थई रंग के बैग से खिड़की के बाहर फेंकी गई 5 बोतल शराब भी जब्त की गई। इस प्रकार, कुल 29 बोतल विदेशी शराब के साथ दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में जब्ती सूची तैयार की गई और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अभियुक्तों को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया अभियोजन पक्ष ने बताया कि सभी गवाहों ने अदालत में घटना का समर्थन किया। कोर्ट ने अभियुक्तों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया, लेकिन वे अपने बचाव में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद 30 जनवरी को कोर्ट ने दोनों को बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(ए) के तहत दोषी करार दिया और सजा की तिथि 7 फरवरी निर्धारित की गई। शनिवार को दोनों अभियुक्तों को पांच-पांच वर्ष सश्रम कारावास और एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा दी। इस दौरान सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक वासुदेव प्रसाद साह भी मौजूद रहे, जिन्होंने कोर्ट के समक्ष साक्ष्यों को बिंदुवार तरीके से प्रस्तुत किया।  

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