खरगोन जिले के भीलगांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर एक विशाल हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। संघ और विश्व हिंदू परिषद के शताब्दी वर्ष अभियान के तहत हुए इस कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 5000 मातृशक्ति और हिंदू समुदाय के लोगों ने भाग लिया। सम्मेलन में पूर्व महामंडलेश्वर अरुण गिरीजी महाराज और बलगांव के मौली बापू (लक्ष्मण गिरीजी महाराज) का सानिध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने सनातन धर्म की रक्षा और पंच परिवर्तन के संकल्प पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर प्रांत जन जागरण प्रमुख भारती मालवीय ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू समाज को एकजुट करने के साथ-साथ पारिवारिक मूल्यों को बचाना भी आवश्यक है। उन्होंने टीवी सीरियल्स और सोशल मीडिया के माध्यम से परिवारों को तोड़ने और रिश्तों को बिखेरने के प्रयासों के प्रति महिलाओं और परिवारों को सावधान रहने की चेतावनी दी। मालवीय ने हिंदू समाज से मंदिरों से जुड़ने और अपनी संस्कृति को अक्षुण्ण रखने का आह्वान किया। शताब्दी वर्ष के इस आयोजन में सामाजिक समरसता का एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। सभी समाजों के लगभग 5000 हिंदू भाई-बहनों ने एक साथ बैठकर समरसता भोज ग्रहण किया। इस दौरान ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाकर एक ही पंक्ति में बैठे हजारों लोगों ने संघ के ‘एक हिंदू-एक समाज’ के मंत्र को साकार किया। कार्यक्रम के वक्ताओं ने राष्ट्रभक्ति, स्वदेशी जीवन शैली और नागरिक कर्तव्यों का बोध कराते हुए हिंदू समाज को संगठित होकर राष्ट्र की उन्नति में योगदान देने का संकल्प दिलाया। अंत में उपस्थित जनसमूह ने संघ के 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को बनाए रखने और सनातन धर्म के ध्वज को ऊंचा रखने की शपथ ली।


