महाराष्ट्र में 5 प्रतिशत आरक्षण समाप्त किए जाने के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सम्भल में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जिलाध्यक्ष आरिफ तुर्की ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास और रोजगार जैसे मूल मुद्दों पर विफल रही है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए धार्मिक व सांप्रदायिक विषयों को बढ़ावा दे रही है। आरिफ तुर्की ने कहा कि भाजपा की राजनीति हिंदू-मुस्लिम और पाकिस्तान-हिंदुस्तान जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। उनके मुताबिक, 5 प्रतिशत आरक्षण समाप्त करना भी इसी रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य एक विशेष वर्ग को संतुष्ट करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार, किसानों को राहत और व्यापारियों को स्थिरता प्रदान करने के बजाय आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दों को उठा रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के हालिया बयान पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ‘देश की बेटियां दुर्गा और काली बनें, लेकिन बुर्के वाली न बनें’ जैसे कथित बयान समाज में भ्रम और विभाजन पैदा करते हैं। तुर्की ने इसे दोहरी नीति करार देते हुए कहा कि एक तरफ बुर्का पहनने वाली महिला के कांवड़ लाने का प्रचार किया जाता है, वहीं दूसरी ओर बुर्के को लेकर नकारात्मक टिप्पणियां की जाती हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि किसी परंपरा या पहनावे पर आपत्ति है, तो वह हर स्तर पर समान रूप से होनी चाहिए, न कि राजनीतिक लाभ के लिए अलग-अलग रवैया अपनाया जाए। तुर्की ने इस बात पर जोर दिया कि देश और प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर समाधान चाहती है, लेकिन सरकार इन विषयों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। अंत में, उन्होंने अपील की कि समाज को जोड़ने की आवश्यकता है, ऐसे बयानों और फैसलों से उसे बांटने की नहीं।


