गया में टोटो लूट के मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला मानपुर के सीताकुंड का है। जांच में सामने आया है कि पकड़े गए युवक सामान्य बदमाश नहीं, बल्कि आर्गेनाइज्ड तरीके से वारदात करने वाले हैं। एसएसपी सुशील कुमार ने भी इस बात की पुष्टि की है कि हिरासत में लिए गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास इसी तरह की संगठित घटनाओं से जुड़ा रहा है। पकड़े 5 में से 3 आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी मुफस्सिल- बुनियादगंज थाने में केस दर्ज है। पुलिस ने छापेमारी कर सभी को पकड़ा मुफस्सिल थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फतेहपुर थाना क्षेत्र के डुमरीचट्टी में छापेमारी कर सभी को पकड़ा। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी भुसंडा इलाके में किराए के कमरे लेकर रहते थे। पढ़ाई या काम का बहाना बनाकर स्थानीय स्तर पर ठिकाना बनाते थे। वारदात को अंजाम देने के बाद अपने-अपने मूल इलाके में लौट जाते थे। इससे पहचान और गिरफ्तारी मुश्किल हो जाती थी। अकेले ड्राइवरों को बनाते थे निशाना पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह छोटे गाड़ी और अकेले चालकों को निशाना बनाता था। इलाके की रेकी के बाद सुनसान स्थान पर लूट की योजना बनाई जाती थी। इसी पैटर्न पर 29 जनवरी की रात गया स्टेशन से भुसंडा जा रहे टोटो चालक को सीताकुंड के पास रोका गया। चालक अतुल कुमार के साथ मारपीट कर टोटो लूट लिया गया था। एसएसपी ने संकेत दिए हैं कि गिरोह के नेटवर्क और अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह शहर और आसपास के इलाकों में कई वारदातों में शामिल रहा है। एसएसएपी में बताया कि लुटा गया ऑटो भी बरामद कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि शहर में सक्रिय संगठित अपराध पर नकेल कसने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है। पूछताछ के आधार पर जल्द और खुलासे होने की संभावना है। गया में टोटो लूट के मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला मानपुर के सीताकुंड का है। जांच में सामने आया है कि पकड़े गए युवक सामान्य बदमाश नहीं, बल्कि आर्गेनाइज्ड तरीके से वारदात करने वाले हैं। एसएसपी सुशील कुमार ने भी इस बात की पुष्टि की है कि हिरासत में लिए गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास इसी तरह की संगठित घटनाओं से जुड़ा रहा है। पकड़े 5 में से 3 आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी मुफस्सिल- बुनियादगंज थाने में केस दर्ज है। पुलिस ने छापेमारी कर सभी को पकड़ा मुफस्सिल थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फतेहपुर थाना क्षेत्र के डुमरीचट्टी में छापेमारी कर सभी को पकड़ा। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी भुसंडा इलाके में किराए के कमरे लेकर रहते थे। पढ़ाई या काम का बहाना बनाकर स्थानीय स्तर पर ठिकाना बनाते थे। वारदात को अंजाम देने के बाद अपने-अपने मूल इलाके में लौट जाते थे। इससे पहचान और गिरफ्तारी मुश्किल हो जाती थी। अकेले ड्राइवरों को बनाते थे निशाना पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह छोटे गाड़ी और अकेले चालकों को निशाना बनाता था। इलाके की रेकी के बाद सुनसान स्थान पर लूट की योजना बनाई जाती थी। इसी पैटर्न पर 29 जनवरी की रात गया स्टेशन से भुसंडा जा रहे टोटो चालक को सीताकुंड के पास रोका गया। चालक अतुल कुमार के साथ मारपीट कर टोटो लूट लिया गया था। एसएसपी ने संकेत दिए हैं कि गिरोह के नेटवर्क और अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह शहर और आसपास के इलाकों में कई वारदातों में शामिल रहा है। एसएसएपी में बताया कि लुटा गया ऑटो भी बरामद कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि शहर में सक्रिय संगठित अपराध पर नकेल कसने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है। पूछताछ के आधार पर जल्द और खुलासे होने की संभावना है।


