नालंदा में प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी के बाद मां और नवजात की मौत मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शेखपुरा जिला के अस्थना गांव निवासी मृतका के चाचा अनिल पासवान ने बिंद थाने में डॉक्टर, संचालक समेत 5 लोगों के खिलाफ नामजद लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अस्पताल के ओटी और दवा स्टोर रूम को सील कर दिया गया है। बिंद थाना क्षेत्र के खानपुर गांव की रहने वाली सचिन पासवान की पत्नी सोनम कुमारी(19) को प्रसव पीड़ा होने पर 19 जनवरी को परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) लेकर गए। वहां मौजूद डॉक्टरों ने भर्ती करने में देरी की। इस दौरान मौके का फायदा उठाते हुए खानपुर निवासी आशा कर्मी निशा कुमारी और उसकी सहयोगी सुधा कुमारी ने परिजनों को बेहतर इलाज का झांसा दिया। दोनों महिलाएं परिवार को बहला-फुसलाकर ‘उषा नर्सिंग होम’ ले गईं। वहां संचालक संतोष कुमार और राजू कुमार ने मरीज को भर्ती कर लिया। फोन पर बुलाया डॉक्टर, रात 11 बजे किया ऑपरेशन परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के संचालक ने बिहारशरीफ से डॉ. अजय कुमार को बुलाया। रात्रि करीब 11 बजे ऑपरेशन करवाया। ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती गई, जिससे नवजात शिशु और मां सोनम कुमारी की मौत हो गई। मौत के बाद 4 घंटे एंबुलेंस में शव घुमाया मौत के बाद अपनी करतूत छिपाने के लिए संचालक ने मानवता की सारी हदें पार कर दी। उन्होंने परिजनों से कहा कि मरीज की हालत गंभीर है और उसे पटना रेफर करना होगा। इसके बाद शव को एंबुलेंस में रखकर करीब 4 घंटे तक घुमाया गया। जब चालक शव को वापस गांव (खानपुर) लेकर पहुंचा, तो ग्रामीणों ने विरोध किया। इसके बाद चालक शव को वापस क्लीनिक के पास छोड़कर फरार हो गया। इन 5 लोगों पर हुई नामजद शिकायत मृतका के चाचा ने थाने में दिए आवेदन में 5 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें आशा कार्यकर्ता निशा कुमारी सहयोगी सुधा कुमारी, संचालक संतोष कुमार, राजू कुमार और डॉ. अजय कुमार शामिल है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी इस संबंध में बिंद थानाध्यक्ष चंदन कुमार सिंह ने बताया कि नर्सिंग होम के ओटी रूम और मेडिसिन रूम को सील कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी गई है। ताकि यह स्पस्ट हो सके कि क्लिनिक में ऑपरेशन के लिए पर्याप्त उपकरण उपलब्ध है भी या नहीं। प्राप्त आवेदन के आधार पर केस दर्ज कर अग्रिम कार्यवाई की जा रही है। फरार आरोपियों के खिलाफ छापेमारी जारी है। वहीं, पीएचसी प्रभारी ने बताया कि बिंद थाना क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे नर्सिंग होम के बारे में जिला मुख्यालय को अवगत करा दिया है। ऐसे नर्सिंग होम की संख्या करीब 15 के आसपास है। नालंदा में प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी के बाद मां और नवजात की मौत मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शेखपुरा जिला के अस्थना गांव निवासी मृतका के चाचा अनिल पासवान ने बिंद थाने में डॉक्टर, संचालक समेत 5 लोगों के खिलाफ नामजद लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अस्पताल के ओटी और दवा स्टोर रूम को सील कर दिया गया है। बिंद थाना क्षेत्र के खानपुर गांव की रहने वाली सचिन पासवान की पत्नी सोनम कुमारी(19) को प्रसव पीड़ा होने पर 19 जनवरी को परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) लेकर गए। वहां मौजूद डॉक्टरों ने भर्ती करने में देरी की। इस दौरान मौके का फायदा उठाते हुए खानपुर निवासी आशा कर्मी निशा कुमारी और उसकी सहयोगी सुधा कुमारी ने परिजनों को बेहतर इलाज का झांसा दिया। दोनों महिलाएं परिवार को बहला-फुसलाकर ‘उषा नर्सिंग होम’ ले गईं। वहां संचालक संतोष कुमार और राजू कुमार ने मरीज को भर्ती कर लिया। फोन पर बुलाया डॉक्टर, रात 11 बजे किया ऑपरेशन परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के संचालक ने बिहारशरीफ से डॉ. अजय कुमार को बुलाया। रात्रि करीब 11 बजे ऑपरेशन करवाया। ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती गई, जिससे नवजात शिशु और मां सोनम कुमारी की मौत हो गई। मौत के बाद 4 घंटे एंबुलेंस में शव घुमाया मौत के बाद अपनी करतूत छिपाने के लिए संचालक ने मानवता की सारी हदें पार कर दी। उन्होंने परिजनों से कहा कि मरीज की हालत गंभीर है और उसे पटना रेफर करना होगा। इसके बाद शव को एंबुलेंस में रखकर करीब 4 घंटे तक घुमाया गया। जब चालक शव को वापस गांव (खानपुर) लेकर पहुंचा, तो ग्रामीणों ने विरोध किया। इसके बाद चालक शव को वापस क्लीनिक के पास छोड़कर फरार हो गया। इन 5 लोगों पर हुई नामजद शिकायत मृतका के चाचा ने थाने में दिए आवेदन में 5 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें आशा कार्यकर्ता निशा कुमारी सहयोगी सुधा कुमारी, संचालक संतोष कुमार, राजू कुमार और डॉ. अजय कुमार शामिल है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी इस संबंध में बिंद थानाध्यक्ष चंदन कुमार सिंह ने बताया कि नर्सिंग होम के ओटी रूम और मेडिसिन रूम को सील कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी गई है। ताकि यह स्पस्ट हो सके कि क्लिनिक में ऑपरेशन के लिए पर्याप्त उपकरण उपलब्ध है भी या नहीं। प्राप्त आवेदन के आधार पर केस दर्ज कर अग्रिम कार्यवाई की जा रही है। फरार आरोपियों के खिलाफ छापेमारी जारी है। वहीं, पीएचसी प्रभारी ने बताया कि बिंद थाना क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे नर्सिंग होम के बारे में जिला मुख्यालय को अवगत करा दिया है। ऐसे नर्सिंग होम की संख्या करीब 15 के आसपास है।


