भागलपुर के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत शाहजादपुर पंचायत के अमरी गांव में सोमवार शाम आग लग गई। शॉर्ट-सर्किट से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और पांच घरों को राख कर दिया। अगलगी में आधा 6 मवेशियों की झुलसकर मौत हो गई, लाखों की संपत्ति को नुकसान हुआ है। अमरी गांव निवासी राधे मंडल के घर में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग की चिंगारी निकली। कुछ ही पलों में आग की लपटें तेज हो गई और आसपास के घरों तक पहुंच गई। आग ने पास में स्थित प्रकाश मंडल, पंकज मंडल और बंटी मंडल समेत कुल 5 घरों को अपनी चपेट में ले लिया। घरों में रखे अनाज, कपड़े, फर्नीचर, बर्तन और घरेलू सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी और बिना किसी देरी के आग बुझाने में जुट गए। आग लगने की जानकारी मिलते ही दर्जनों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पास में लगे बोरिंग से पानी निकालकर बाल्टी और पाइप के सहारे आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग को नियंत्रित किया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग पीड़ित परिवारों ने बताया कि इस घटना में उन्हें करीब ढाई लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को अविलंब मुआवजा देने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। भागलपुर के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत शाहजादपुर पंचायत के अमरी गांव में सोमवार शाम आग लग गई। शॉर्ट-सर्किट से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और पांच घरों को राख कर दिया। अगलगी में आधा 6 मवेशियों की झुलसकर मौत हो गई, लाखों की संपत्ति को नुकसान हुआ है। अमरी गांव निवासी राधे मंडल के घर में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग की चिंगारी निकली। कुछ ही पलों में आग की लपटें तेज हो गई और आसपास के घरों तक पहुंच गई। आग ने पास में स्थित प्रकाश मंडल, पंकज मंडल और बंटी मंडल समेत कुल 5 घरों को अपनी चपेट में ले लिया। घरों में रखे अनाज, कपड़े, फर्नीचर, बर्तन और घरेलू सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी और बिना किसी देरी के आग बुझाने में जुट गए। आग लगने की जानकारी मिलते ही दर्जनों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पास में लगे बोरिंग से पानी निकालकर बाल्टी और पाइप के सहारे आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग को नियंत्रित किया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग पीड़ित परिवारों ने बताया कि इस घटना में उन्हें करीब ढाई लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को अविलंब मुआवजा देने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।


